दिल्ली की एक अदालत ने इंटरनेट पर मौजूद चुनाव संबंधी भड़काऊ भाषणों से जुड़े कंटेट और वीडियो के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने का आरोप लगाने वाली याचिका के आधार पर यू ट्यूब, फेसबुक समेत अन्य सोशल साइटों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मामले की सुनवाई करते हुए तीस हजारी स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने सभी पक्षों को अपना जवाब पांच जून तक दाखिल करने का निर्देश दिया है।
इससे पहले अदालत में याची अमित साहनी ने तर्क रखा था कि चुनावों के दौरान सोशल वेबसाइटों पर भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, उमा भारती व अन्य नेताओं के खिलाफ बड़ी संख्या में आपत्तिजनक विडियो अपलोड किए गए हैं।
इसके अलावा इन वेबसाइटों पर विडियो व अन्य को लेकर काफी अभद्र भाषा में आपत्तिजनक कमेंट भी पोस्ट किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे कमेंट पर यदि नहीं लगाई गई तो देश का माहौल खराब होने के साथ-साथ देश की एकता एवं अखंडता को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए इन सभी साइटों पर ऐसे कमेंट व विडियो लोड करने पर रोक लगाई जाए।