एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

सर्विस सेंटर के कर्मचारियों पर ही रेनो डकैती का संदेह

ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 29 Aug 2017 09:37 AM IST

सार

सर्विस सेंटर के कर्मचारियों पर ही रेनो डकैती का संदेह
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रेनो के सेक्टर-63 डी ब्लॉक स्थित सर्विस सेंटर से चार डस्टर कार लूटने के मामले में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। कंपनी को इस डकैती के पीछे सर्विस सेंटर के ही कुछ कर्मचारियों पर संदेह है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस को ये भी पता चला है कि सर्विस सेंटर ने दो माह पहले कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था, जिसे लेकर विवाद चल रहा था। थाना फेज तीन पुलिस दावा कर रही कि जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।

रेनो का सेक्टर-63 डी ब्लॉक में एविआ ऑटो सर्विस सेंटर नाम से अधिकृत सर्विस सेंटर है। शनिवार रात करीब दो बजे नकाबपोश छह बदमाश सर्विस सेंटर के मुख्य गेट से अंदर घुसे और बड़ी आसानी से लगभग 40 मिनट में सर्विस सेंटर में खड़ी चार डस्टर गाड़ियां लूटकर चले गए।
विज्ञापन


वारदात के वक्त सर्विस सेंटर में दो सिक्योरिटी गार्ड पंकज तिवारी और राजीव तिवारी मौजूद थे। दोनों मूल रूप से हरदोई केरहने वाले हैं और फिलहाल छिजारसी में रह रहे। वारदात के वक्त दोनों गार्ड सर्विस सेंटर में अंदर की तरफ सो रहे थे। बदमाशों ने इन्हें मारपीटकर आसानी से बंधक बना वारदात को अंजाम दिया।

थाना फेज तीन प्रभारी निरीक्षक अविनाश दीक्षित ने बताया कि सर्विस सेंटर के प्रबंधक संत कुमार की शिकायत पर डकैती की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उस वक्त सर्विस सेंटर में लगभग 50 गाड़ियां खड़ी थीं। इनकी चाबियां गाड़ियों में ही रखी थी, जो कि सर्विस सेंटर की बड़ी लापरवाही थी।

सर्विस सेंटर केदोनों गार्ड खाली हाथ थे। इसलिए बदमाशों ने दोनों को आसानी से बंधक बना लिया था। इस दौरान एक गार्ड के नाक में चोट लगने से खून भी बहा। दोनों गार्डों से लगातार पूछताछ जारी है। इनका चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया है, जिसमें गार्डों को किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई है।

गार्डों से पूछताछ के आधार पर अंदाजा लग रहा है कि बदमाश सर्विस सेंटर के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे। लिहाजा सर्विस सेंटर के कर्मचारियों की जांच चल रही है। अनाधिकारिक रूप से सर्विस सेंटर ने भी अपने कुछ कर्मचारियों पर संदेह व्यक्त किया है। उनकी भूूमिका की जांच की जा रही है। अनुमान है कि जल्द लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

कार मालिकों ने सर्विस सेंटर के खिलाफ पुलिस को दी शिकायत
सर्विस सेंटर से लुटेरे चार डस्टर कार लूट ले गए हैं। इसमें से एक कार सेक्टर-62 निवासी शिखा मिश्रा की है। शिखा सैलून चलाती हैं। दूसरी गाड़ी सेक्टर-134 निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुधांशु तिवारी की है। तीसरी कार सेक्टर-137 निवासी सैन्य अधिकारी राज सिन्हा की और चौथी कार सेक्टर-126 में रहने वाली डीयू प्रोफेसर बेनु गुप्ता की है।

शिखा मिश्रा ने बताया कि उनकी कार पांच दिन से सर्विस सेंटर पर थी। रविवार को उन्हें कार मिलनी थी। शनिवार रात उनकी कार सर्विस सेंटर से लुट चुकी थी। बावजूद रविवार सुबह 10 बजे उन्होंने सर्विस सेंटर पर फोन कर कार लेने आने की बात कही तो उन्होंने आने को बोल दिया।

वह सर्विस सेंटर पहुंचने वाली थीं कि रास्ते में उन्हें फोन कर बताया गया कि उनकी कार लुट गई है। बावजूद वह सर्विस सेंटर पहुंची, वहां पता चला कि सर्विस सेंटर की तरफ से जिनकी गाड़ी लुटी है, किसी भी मालिक को सूचना नहीं दी गई थी। इसके बाद उन्होंने किसी तरह उनके मोबाइल नंबर लेकर उन्हें सूचना दी।

सूचना मिलते ही चारों अन्य कारों के मालिक भी सर्विस सेंटर पर पहुंच गए। सर्विस सेंटर के अधिकारी उसके बाद भी बेहद लापरवाह तरीके से बात कर रहे थे। वह सर्विस सेंटर के मालिक का फोन नंबर देने या उससे बात कराने को भी तैयार नहीं थे। इसके बाद उन लोगों ने पुलिस को सर्विस सेंटर के खिलाफ शिकायत दी। शिखा के अनुसार उनकी गाड़ी सर्विस सेंटर की लापरवाही से लुटी है।

सर्विस सेंटर अधिकारियों ने घंटों बाद पुलिस को दी शिकायत
थाना फेज तीन प्रभारी निरीक्षक अवनीश दीक्षित ने बताया कि सर्विस सेंटर में लूट की सूचना मिलने पर सुबह चार बजे पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने वहां से सर्विस सेंटर के अधिकारी को फोन मिलाया, सभी का मोबाइल बंद था।

सुबह कुछ अधिकारियों से बात हुई तो उन्होंने कहा कि दस बजे सर्विस सेंटर खुलेगा तभी वो पूरी जानकारी दे पाएंगे। सर्विस सेंटर खुलने के बाद भी रविवार शाम को सर्विस सेंटर की तरफ से शिकायत दी गई है।

वह भी तब जब उन्हें लगा कि कार मालिक उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा देंगे। इसके पहले सर्विस सेंटर की तरफ से मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा था। सोमवार सुबह तक सर्विस सेंटर ने पुलिस को अपने कर्मचारियों की सूची जांच के लिए उपलब्ध नहीं कराई थी।

वारदात के वक्त सामने से दो बार गुजरी थी पीसीआर
सूत्रों के अनुसार बदमाश जिस वक्त रेनो के सर्विस सेंटर में डकैती डाल रहे थे। उस दौरान पुलिस की पीसीआर दो बार सर्विस सेंटर के सामने से गुजरी थी। पीसीआर की भनक लगने पर गार्डों ने शोर मचाने का भी प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने उन्हें डराकर शांत करा दिया था।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें