न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 14 Oct 2018 05:34 AM IST
दिल्ली सरकार ने अपने स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की भागीदारी को काफी बढ़ाया है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की समस्या हो तो वह एसएमसी को बता सकते हैं। इसके लिए अभिभावकों को एसएमसी सदस्यों के संपर्क में रहना होगा। साथ ही अभिभावकों को समय-समय पर फीडबैक भी देना होगा। यह बातें उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने संवाद कार्यक्रम में कही।
शनिवार को दिल्ली के सभी 1034 सरकारी स्कूलों में अभिभावकों व एसएमसी सदस्यों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मनीष सिसोदिया ने स्वयं कुछ स्कूलों का दौरा किया और एसएमसी सदस्यों व अभिभावकों से बातचीत की। दरअसल, इस सप्ताह ही सरकार ने प्रत्येक सरकारी स्कूल की एक पाली की एसएमसी को पांच लाख रुपये फंड दिए जाने की मंजूरी दी है।
अभिभावकों को इस संबंध में बताने व उनसे चर्चा के लिए ही यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस दौरान एसएमसी सदस्यों ने अपने फोन नंबर अभिभावकों के साथ साझा किए, जिससे कि जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके। संवाद कार्यक्रम में अभिभावकों ने भी बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के संबंध में जानकारी दी। वहीं, अभिभावकों को यह बताया गया कि सरकार ने बेहतर शिक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं।
स्कूल ऑफ एक्सीलेंस मदनपुर खादर में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि एसएमसी को जो फंड दिया जा रहा है, उससे बच्चों के लिए विभिन्न विषयों और अन्य गतिविधियों की तैयारी के लिए एक्सपर्ट बुलाए जा सकेंगे। इसके साथ ही यदि स्कूल प्रिंसिपल और एसएमसी टीम को लगता है कि उनके बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की जरूरत है तो इसके लिए भी रिसोर्स पर्सन फंड से बुलाया जा सकेगा।