एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

Faridabad News: बिजली व्यवस्था होगी हाईटेक, कंट्रोल रूम से होगी पूरे नेटवर्क की निगरानी

नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

सेक्टर-20बी में 38.91 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्काडा भवन बनाया जाएगा
विज्ञापन
विज्ञापन



एक ही परिसर में खुलेंगे 10 से 12 बिजली कार्यालय


अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल, केंद्रीकृत और आधुनिक बनाने की दिशा में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बड़ा कदम उठाया है। सेक्टर-20बी में करीब 38.91 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्काडा भवन बनाया जाएगा। यह भवन केवल बिजली नियंत्रण केंद्र नहीं होगा बल्कि जिले के बिजली प्रबंधन का नया केंद्रीय मुख्यालय भी बनेगा।

परियोजना के पूरा होने के बाद शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था रियल टाइम मॉनिटरिंग से जुड़ जाएगी। वहीं विभाग के 10 से 12 कार्यालय एक ही परिसर में संचालित किए जाएंगे जिससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकारियों का मानना है कि इससे जिले में चल रही अंडरग्राउंड बिजली केबल परियोजनाओं को भी तेजी मिलेगी और बिजली व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
विज्ञापन


8 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर सीधा असर

फरीदाबाद में घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी मिलाकर 8 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। लगातार बढ़ती आबादी, नई रिहायशी सोसाइटियों और औद्योगिक विस्तार के कारण बिजली मांग हर वर्ष बढ़ रही है। गर्मियों के दौरान शहर की पीक डिमांड 1800 से 2000 मेगावाट तक पहुंच जाती है। ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी, बल्लभगढ़ और औद्योगिक सेक्टरों में ओवरलोडिंग, लोकल फॉल्ट, ट्रिपिंग और लंबे बिजली कट उपभोक्ताओं की प्रमुख समस्याएं बनी हुई हैं। कई इलाकों में पुराने नेटवर्क और ओवरलोडेड फीडरों के कारण तकनीकी खराबियां बार-बार सामने आती हैं।

फॉल्ट या लाइन ट्रिपिंग की सूचना तुरंत सिस्टम पर दिखेगी

स्काडा सिस्टम लागू होने के बाद पूरे शहर की बिजली लाइनों, सब-स्टेशनों और फीडरों की निगरानी एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाएगी। किसी भी फॉल्ट या लाइन ट्रिपिंग की सूचना तुरंत सिस्टम पर दिखाई देगी। वर्तमान में किसी लाइन में खराबी आने पर कर्मचारियों को मौके पर जाकर पेट्रोलिंग करनी पड़ती है जिससे बिजली बहाल करने में काफी समय लग जाता है। नई व्यवस्था में फॉल्ट की सटीक लोकेशन तुरंत मिल जाएगी और कंट्रोल रूम से ही कई सिस्टम ऑपरेट किए जा सकेंगे। इससे बिजली कटौती का समय घटेगा और सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया तेज होगी।

अंडरग्राउंड केबल परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

फरीदाबाद में कई क्षेत्रों में अंडरग्राउंड बिजली केबल डालने की योजना काफी पहले की बनी हुई है। कई स्थानों को काम शुरू करने के लिए चिन्हित भी किया जा चुका है। यह कार्यालय बनने के बाद इस पर तेजी से काम आगे बढ़ सकेगा। विशेष रूप से ग्रेटर फरीदाबाद, वीआईपी रोड, प्रमुख बाजारों और हाई डेंसिटी इलाकों में भूमिगत बिजली नेटवर्क विकसित करने का काम किया जाना है। अधिकारियों के अनुसार नया केंद्रीकृत स्काडा भवन बनने के बाद तकनीकी निगरानी और प्रोजेक्ट समन्वय बेहतर होगा। इससे अंडरग्राउंड केबल परियोजनाओं की प्लानिंग, मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। भूमिगत नेटवर्क बढ़ने से बिजली फॉल्ट, तार टूटने, बारिश के दौरान शॉर्ट सर्किट और दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी।

एक ही छत के नीचे मिलेंगी कई सेवाएं

इस भवन में बिजली विभाग के 10 से 12 कार्यालय संचालित किए जाने की योजना है। वर्तमान में विभाग के कई कार्यालय शहर में अलग-अलग स्थानों और किराए की इमारतों में चल रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं को बिल, नए कनेक्शन, शिकायत, तकनीकी अनुमति और अन्य कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता है। केंद्रीकृत कार्यालय व्यवस्था लागू होने के बाद आम लोगों, उद्योग संचालकों और बिल्डरों को एक ही परिसर में अधिकतर सेवाएं मिल सकेंगी।

स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना भविष्य के स्मार्ट ग्रिड मॉडल की आधारशिला साबित हो सकती है। इसके जरिये बिजली को एक फीडर से दूसरे फीडर पर रिमोट तरीके से ट्रांसफर किया जा सकेगा। अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, मेट्रो कॉरिडोर और हाईराइज सोसाइटियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सिस्टम बिजली चोरी, लाइन लॉस और ओवरलोडिंग की डिजिटल निगरानी भी करेगा। इससे निगम उन इलाकों की पहचान आसानी से कर सकेगा जहां ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाने या नई लाइनें डालने की जरूरत है।



24 महीने में पूरा होगा प्रोजेक्ट

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से इस परियोजना के लिए प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 38.91 करोड़ रुपये तय की गई है। निर्माण एजेंसी को काम पूरा करने के लिए 24 महीने का समय दिया जाएगा। लोगों की सुविधाओं के लिए विभाग तेजी से कई स्तर पर काम कर रहा है। आने वाले समय में इस परियोजना को भी पूरा कर लिया जाएगा।

-जितेंद्र ढुल, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें