- 27 लोगों के ग्रुप ने 5101 रुपये का चेक और खाने का सामान दिया - लोगों ने आगे बढ़कर आगे भी मदद का दिया भरोसा माई सिटी रिपोर्टर साहिबााबाद। लॉकडाउन-3 में काम-कारोबार ठप होने से जहां दिहाड़ी-मजदूर भूख और प्यास को भूलकर पैदल ही सड़कों को पार पर अपने-अपने गांव लौट रहे हैं। वहीं, बेटे को टायफाइड का इलाज कराने में असमर्थ पिता सड़क किनारे लोगों से मदद की गुहार लगाने को मजबूर है। इस मार्मिक तस्वीर के सामने आने पर सीमांत विहार के 27 लोगों ने आर्थिक और खाने-पीने का सामान देकर मदद का हाथ बढ़ाया है।
कौशांबी के सीमांत विहार में रहने वाले बी.एन सिंह ने बताया कि भोवापुर में पंडित ललन झा किराए के कमरे पर रहकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। वह पैरों से दिव्यांग हैं, जिसमें वह पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम कर परिवार को चलाते हैं। लेकिन लॉकडाउन-3 में काम ना होने से वह बेहद परेशान चल रहे हैं। बताया गया कि इसी बीच उनके पांच वर्षीय बेटे को भी टायफाइड हो गया। किसी तरह डॉक्टरों के पास कुछ दिन उसका इलाज कराया। लेकिन पैसों की तंगी के चलते अब इलाज नहीं करा पा रहे थे। इस पर दिव्यांग पिता मजबूर होकर रोजाना एक दुकान के पास खड़े होकर लोगों से मदद कर गुहार लगाते हैं। बी.एन सिंह के मुताबिक, इस मामले के बारे में उनके दोस्त मनोज ने उन्हें बताया तो उन्होंने अपने परिचितों के साथ इस मामले को रखा। ग्रुप के 27 लोगों ने दिव्यांंग पिता की मदद के लिए हाथ बढ़ाया और सभी ने मिलकर 5101 रुपये इकट्ठा किए। जबकि खाने-पीने के सामान का भी दुकान से खरीदा। स्थानीय लोगों ने उन्हें आगे भी मदद का भरोसा दिया है। ---------------------------------------- सुमित कुमार