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कीमत : नई गाड़ियों पर है भारी, विंटेज कारों की सवारी 30 लाख रुपये से लेकर एक 1. 20 करोड़ रुपए तक प्रस्तावित है विंटेज कारों की नीलामी की कीमत

अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 06:47 PM IST
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अमल तन्ना, सीईओ हिस्टोरिक ऑक्शंस - फोटो : Amar Ujala
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दीपक शर्मा गुरुग्राम। आधुनिक और स्मार्ट कार के बीच आज भी विंटेज कार की सवारी इन नई गाड़ियों पर भारी पड़ रही है। गुरुग्राम के सेक्टर 28 स्थित म्यूजियो कैमरा परिसर में चल रही विंटेज कार प्रदर्शनी में कुछ दिनों बाद नीलाम होने वाली गाड़ियों की कीमत एक करोड़ से भी ऊपर प्रस्तावित है। इन गाड़ियों से जुड़े हुए दिलचस्प किस्से और इनका इतिहास कार के शौकीनों की नजर में इनको और भी बेशकीमती बना देता है। 24 नवंबर से 26 नवंबर तक इन विंटेज गाड़ियों को प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। 20 चुनिंदा विंटेज कारों में से 9 को सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रस्तुत किया गया है। हिस्टोरिक ऑप्शंस के सीईओ अमन तन्ना कहते हैं कि उनके यहां 1959 में बनी कैडिलैक पिंक सेडान डी विले एक खास गाड़ी है। नीलामी में इसकी कीमत एक करोड़ 20 लाख रुपए तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। इस गाड़ी को हॉलीवुड की फिल्मों में प्रमुखता से देखा जा सकता है। मशहूर पश्चिमी सिंगर एल्विस प्रिसले कि पसंदीदा रही यह गाड़ी कार प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इस गाड़ी में फैक्ट्री फिटेड एयर कंडीशनर और म्यूजिक सिस्टम है। 8 सिलेंडर की इस गाड़ी में ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन शामिल है। इस गाड़ी का डिजाइन स्पेसक्राफ्ट टेक्नोलॉजी से बहुत मिलता है। इसी तरह प्रदर्शनी में 1958 की मॉरिस गैराज 1500 स्पोर्ट्स कार उस समय की है जब एयरोडायनेमिक्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी शुरू की थी। प्रदर्शनी में 1958 की टोयोटा एफजे 40 लैंड क्रूजर, 1928 की बेबी आस्टिन, 1934 की कैडिलैक 355 डी इंपीरियल सिडान भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इनकी कीमत भी नीलामी के दौरान 30 से 40 लाख के बीच प्रस्तावित होने की उम्मीद की जा रही है। ऑटोमोबाइल के इतिहास को जानने का माध्यम है विंटेज कार प्रदर्शनी गुरुग्राम। कभी राजघरानों और अमीर घरानों की शान रही विंटेज कारें आम जनता के लिए और खास तौर से नई पीढ़ी के लिए ऑटोमोबाइल के इतिहास को जानने का भी एक माध्यम है। वॉइस चेयरमैन मदन मोहन कहते हैं कि भारत में नई पीढ़ी को ऑटोमोबाइल के इतिहास से और उसके बदलते स्वरूप से परिचित कराने के माध्यम बहुत कम है। विंटेज कार प्रदर्शनी एक मंच है जिससे नई पीढ़ी को पता लगता है कि कार की डिजाइन और टेक्नोलॉजी में किस-किस समय क्या-क्या बदलाव हुए। हमारे यहां तकरीबन 100 वर्ष पुरानी बेबी आस्टिन से लेकर 1980 की मर्सिडीज बेंज तक है। बयान...... दिल्ली को छोड़कर विंटेज कारें पूरे भारतवर्ष में कहीं पर भी चलाई जा सकती हैं। दिल्ली में भी विशेष अवसरों और अनुमति के साथ इनका परिचालन किया जा सकता है। विंटेज कार प्रदर्शनी कारों का इतिहास भी है - मदन मोहन, वाइस चेयरमैन, हिस्टोरिक ऑप्शंस हमारे यहां 1934 की कैडिलैक 355 गाड़ी भी है। जिसका ओरिजिनल कलर अभी तक बना हुआ है। हमने इस को बदला नहीं है। इसका महत्व इसके ओरिजिनल कलर को लेकर ही है। इसी तरीके से 1950 की मर्सिडीज भी अपने ओरिजिनल कलर को लेकर कार प्रेमियों के बीच महत्व बनाए हुए है -अमल तन्ना, सीईओ, हिस्टोरिक ऑप्शंस
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मदन मोहन वाइस चेयरमैन,हिस्टोरिक ऑक्शंस - फोटो : Amar Ujala
मदन मोहन वाइस चेयरमैन,हिस्टोरिक ऑक्शंस

1947 की क्रिसलर विंडसर - फोटो : Amar Ujala
1947 की क्रिसलर विंडसर

1959 की कैडिलैक पिंक सिडान - फोटो : Amar Ujala
1959 की कैडिलैक पिंक सिडान

1963 की टोयोटा लैंड क्रूजर - फोटो : Amar Ujala
1963 की टोयोटा लैंड क्रूजर

1952 की फिएट - फोटो : Amar Ujala
1952 की फिएट
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