प्रवर्तन निदेशालय पहुंचा बाइक बोट का मामला
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट के नाम से देश के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुकी बाइक बोट गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स कंपनी के संचालकों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शिकंजा कस सकती है। एसएसपी वैभव कृष्ण के निर्देश पर आरोपी कंपनी संचालकों के खिलाफ अब तक कुल 33 केस दर्ज हो चुके हैं और लगातार शिकायतें मिलने का सिलसिला जारी है। आर्थिक अपराध शाखा केस की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने पत्र भेजकर ईडी को भी यूपी, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों के सैकड़ों लोगों से हुई बड़े स्तर की धोखाधड़ी से अवगत करा दिया।
दादरी थाना क्षेत्र के कोट पुल के पास आलीशान दफ्तर खोलकर बाइक बोट कंपनी के संचालक संजय भाटी ने देशभर के लोगों को एक साल में लगभग रकम दोगुना करने का झांसा दिया था। कंपनी ने लोगों को गुमराह करने के लिए 62100 रुपये प्रति बाइक के हिसाब से कंपनी में निवेश करने और उनकी बाइक को शहर में चलाने का झांसा दिया था। कंपनी ने दावा किया था कि उन्हें नफे नुकसान से कोई लेना देना नहीं है। कंपनी उन्हें लगभग 10 हजार रुपये प्रतिमाह 12 किश्तों में लौटाने का दावा किया था। वहीं, कंपनी ने झांसा दिया कि वह अगर अपने आईडी पर परिचित, करीबी आदि के रुपये निवेश कराएंगे तो इसके लिए उन्हें अतिरिक्त बोनस मिलेगा। कंपनी ने शुरुआत में लोगों को हर माह किश्तों और बोनस का भुगतान उनके खाते में भी किया। मोटे मुनाफे के लालच में और सोशल मीडिया पर किए जा रहे प्रचार के माध्यम से देश के कई राज्यों के सैकड़ों लोग बाइक बोट कंपनी के जाल में फंसते चले गए।
राजस्थान के सुनील ने दर्ज कराई थी पहली एफआईआर
मामले में सबसे पहले जयपुर राजस्थान निवासी सुनील मीणा ने एफआईआर दर्ज कराई। खास बात यह रही कि शिकायत देने के कुछ दिन बाद ही कंपनी ने सुनील मीणा को उनकी रकम लौटा दी, लेकिन सुनील ने शिकायत यह कहकर वापस नहीं ली कि उनके कई परिचित और करीबी ठगी का शिकार हुए हैं। उनकी रकम लौटाने के बाद ही वह शिकायत वापस लेंगे। इसके बाद आरोपी संचालकों के खिलाफ लगातार शिकायत मिलने का सिलसिला शुरू हो गया।
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इस मामले में अब तक कुल 33 केस दर्ज हो चुके हैं। आर्थिक अपराध सेल गौतमबुद्ध नगर सभी केसों की जांच कर रही है। कंपनी व संचालकों के बैंक खातों की जांच और आवश्यक कार्रवाई कराई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम दबिश दे रही है। बड़े स्तर की धोखाधड़ी होने के कारण प्रवर्तन निदेशालय को पत्र भेजकर पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।
- विनीत जायसवाल, एसपी देहात, गौतमबुद्ध नगर