राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीब ढाई हजार स्वयंसेवकों ने मंगलवार को फुलपैंट, सफेद कमीज, काली टोपी व लाठी के साथ पथ संचलन किया। अपने नए गणवेश (यूनिफॉर्म) के साथ आरएसएस का यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है, जो विजय दशमी के मौके पर तीन स्थानों पर आयोजित हुआ।
इससे पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं के गणवेश में हाफ पैंट हुआ करता था। संघ ने लंबे समय बाद अपने गणवेश में बदलाव किया है। सेक्टर 3 स्थित गुरूनानक पार्क में आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम स्वयंसेवकों ने ध्वजारोहण के बाद शस्त्र पूजन किया। इसके बाद पथ संचलन निकाला गया।
संचलन पार्क से शुरू होकर टैगोर स्कूल, अग्रवाल स्कूल, पुलिस चौकी, राज नर्सिंग होम, मदर डेयरी, नाहर सिंह पैलेस व जाट भवन से होते हुए वापस गुरुनानक पार्क में ही संपन्न हुआ।
नए गणवेष में व घोष के साथ कदम से कदम मिलाते हुए स्वयंसेवकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। मार्ग में अनेक स्थानों पर स्थानीय नागरिकों व सामाजिक-धार्मिक संस्थाओं द्वारा पुष्पवर्षा कर व भारतमाता की जय और वंदे मातरम के घोष के साथ स्वयंसेवकों का जोरदार स्वागत किया।
इस मौके पर फरीदाबाद विभाग संघचालक जमुना प्रसाद ने कहा कि संघ शाखाओं के माध्यम से एक शक्तिशाली, स्वाभिमानी एवं समरस समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अग्रवाल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता ने की। इसी तरह नई प्रेस कॉलोनी में प्रांत कॉलेज विद्यार्थी प्रमुख विमल कुमार ने भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक को गौरवपूर्ण व शौर्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि यह कार्य बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था।
सेक्टर 17 मार्केट में आयोजित कार्यक्रम में प्रांत सेवा प्रमुख कृष्ण कुमार वक्ता रहे। उन्होंने कहा कि देश में संघ की स्वीकार्यता बढ़ रही है। वहीं, विश्व पटल पर भारत की स्वीकार्यता बढ़ रही है।