जहां देश भर के छात्रों में डीयू में एडमिशन पाने के लिए गलाकाट प्रतियोगिता है और 100 फिसदी अंक पाने वालों के लिए भी यहां प्रवेश मुश्किल होता है वहीं, कुछ ऐसे भी छात्र हैं जो 100 प्रतिशत अंक लाने के बावजूद डीयू की जगह स्कूल ऑफ ओपेन लर्निंग में एडमिशन ले रहे हैं।
असल में एसओएसल डीयू की ऐसी शाखा है जहां डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। यानि यहां पढ़ने वाले छात्र डीयू के रेग्यूलर छात्र नहीं होते। इस साल चार ऐसे छात्र सामने आए हैं जिन्हें चार विषयों में 100% अंक मिले हैं लेकिन उन्होंने एसओएल में एडमिशन लिया है।
हाई स्कोर लाने वाले केवल ये चार छात्र ही नहीं हैं जिन्होंने एसओएल में पढ़ने का फैसला किया है बल्कि, 13 ऐसे छात्र भी हैं जिनके अंक 95 प्रतिशत हैं और 240 ऐसे हैं जिनके अंक 90 प्रतिशत से ज्यादा हैं। जबकि 80 प्रतिशत लाने वाले छात्रों की संख्या 10 प्रतिशत है।
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49,000 छात्रों ने ऑन लाइन आवेदन किया है
एसओएल में दाखिला लेने वाले छात्रों में ज्यादातर ऐसे हैं कहीं और दाखिला नहीं मिल पाया है या ऐसे छात्र हैं कहीं जॉब करते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के अन्य कॉलेजों के हाई कट ऑफ के कारण भी अधिकतर छात्र एसओएल में पढ़ाई करने का चुनाव कर रहे हैं।
एसओएल में तीन ऐस छात्रों ने भी एडमिशन लिया है जिनके बीकॉम में कटऑफ 100 प्रतिशत हैं, जबकि 12वीं में गणित इनका विषय नहीं था। इन छात्रों ने एसओएल में प्रवेश लिया ताकी ज्यादा से ज्यादा वक्त सीऐ की तैयारी में दे सकें।
ओपेन स्कूल ऑफ लर्निंग के चेयरमैन सीएस दूबे कहते हैं, '21 जुलाई 2016 तक दिल्ली यूनिवर्सिटी में 49,000 छात्रों ने ऑन लाइन आवेदन किया है जिसमें से केवल 13,000 छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। टॉप अंक पाने वाले कई छात्र-छात्राएं दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसओएल प्लान में प्रवेश करना चाहते हैं ताकि वो प्रतियोगी परिक्षा की तैयारी जारी रख सकें।'