वोडा फोन पर आए एक एसएमएस ने चौंकाया। एसएमएस के अनुसार 534 पर कॉल कीजिए। मनचाही दोस्त से कीजिए ढेर सारी बातें। नौ रुपये प्रति मिनट की दर पर। या फिर नीचे दिए लिंक पर क्लिक कीजिए। क्लिक करते ही वह आपको एक चैट रूम के आप्शन पर ले जाने के साथ-साथ कुछ युवतियों की तस्वीर दिखाता है।
यह केवल एक बानगी है। आप जैसे ही रास्ते पर आगे बढ़ेंगे, आपको ललचाते हुए जेब ढीली करने का रोडमैप बनता चला जाएगा। यहां तक कि ठगे जाने, मोबाइल या कंप्यूटर से हैकिंग करके आपकी महत्वपूर्ण जानकारियों की चोरी, बैंक खाते को साफ कर देने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
सीबीआई को साइबर सुरक्षा के मामले में अपनी सेवाएं देने वाले एक आईटी इंजीनियर का कहना है कि इस तरह के एप, कॉल, वेबसाइट की अभी भी भरमार है। सूत्रों का कहना है कि इसकी चपेट में मोबाइल और लैपटॉप, टैब पर इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला युवा है। आईबीएम, एचसीएल समेत कई नामी कंपनियों को सेवा दे चुके राजेश चौधरी का कहना है कि इसकी जद में तमाम समाज का बड़ा तबका भी फंस रहा है। राजेश चौधरी भारतीय सेना को भी आईटी कंपनी के माध्यम से अपनी सेवा दे चुके हैं।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के लिए काम करने वाले सूत्र का कहना है कि यह एक बहुत बड़ी समस्या है। यहां दिक्कत यह भी है कि कई एप आदि के सर्वर विदेश में हैं। इन पर नियंत्रण रखना भी मुश्किल है। दूसरे यहां चैटिंग से लेकर सब कुछ उपयोगकर्ता की मर्जी से होती है। सूत्र का कहना है कि जब तक उपयोगकर्ता को आनंद आ रहा है, तब तक सब ठीक रहता है।
लेकिन जैसी ही हैकर शिकार के साथ ठगी या कोई आर्थिक अपराध करते हैं, तब उपयोगकर्ता को पुलिस की याद आती है। जबकि पुलिस की स्थिति यह है कि वह चाहकर भी मदद नहीं कर पाती।
मोबाइल बैंकिंग से पेमेंट है खतरनाक
आईटी विशेषज्ञ का कहना है कि इन साइट्स, एप पर जाने के लिए आमतौर पर लोग मोबाइल फोन से ही पेमेंट करने का आप्शन चुनते हैं। बैंक मोबाइल बैंकिग को लेकर बहुत संजीदा रहते हैं। सुरक्षा का हर इंतजाम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद ऑनलाइन आर्थिक अपराधी चुपचाप अपना काम कर जाता है।