केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) आगामी सत्र से नौवीं से बारहवीं तक के प्रश्न पत्रों की संरचना में बदलाव करने जा रहा है। अब नौवीं व दसवीं में केस स्टडी वाले प्रश्नों की संख्या बीस फीसदी होगी जबकि ग्यारहवीं व बारहवीं में ऐसे प्रश्नों की संख्या दस फीसदी होगी। इसमें केस आधारित एकीकृत प्रश्न भी शामिल होंगे। अब तक अर्थशास्त्र व बिजनेस स्टडी जैसे विषयों में ही ऐसे प्रश्न पूछे जाते थे। सीबीएसई शैक्षणिक सत्र 2020-21 से यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। कुल अंकों और परीक्षा की अवधि में किसी प्रकार का बदलाव नहीं होगा।
बोर्ड के अनुसार मूल्यांकन प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रश्नों की संरचना में बदलाव किया जा रहा है। इस बदलाव से बोर्ड को वांछित परिणाम प्राप्त करने में मदद मिलेगी। अब तक नौवीं व दसवीं में वस्तुनिष्ठ, बहुविकल्पीय, केस आधारित प्रश्न होते थे। अब इन प्रश्नों की संख्या को सीमा में बांध दिया गया है। अब वस्तुनिष्ठ समेत बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या बीस फीसदी होगी। इसी तरह से केस आधारित प्रश्नों की संख्या को भी बीस फीसदी कर दिया गया है। पहले की तरह लघु व दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न भी रहेंगे।
इसी तरह से ग्यारहवीं व बारहवीं में वर्तमान व्यवस्था के अनुसार वस्तुनिष्ठ के साथ बहुविकल्पीय प्रश्न तथा लघु व दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न शामिल थे लेकिन अब संशोधित संरचना के अनुसार वस्तुनिष्ठ व बहुविकल्पीय प्रश्नों की संख्या 20 फीसदी होगी। इसी तरह केस आधारित प्रश्नों की संख्या 10 फीसदी होगी। सीबीएसई मार्च के अंत तक शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए पाठ्यक्रम जारी कर देगा जिसमें विषय के हिसाब से यह परिवर्तन शामिल होंगे।