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Par Panel Meeting: नीट लीक मामले पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक, CBI चीफ और NTA महानिदेशक से जवाब तलब

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Fri, 29 May 2026 12:56 PM IST

सार

NEET UG 2026: पेपर लीक मामले पर संसदीय समिति की बैठक में सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद और एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह पहुंचे। बैठक में जांच की प्रगति, परीक्षा में अनियमितताओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा जा रहा है। डॉ. एम. थंबीदुरई इस समिति के अध्यक्ष हैं।

 
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संसदीय समिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे CBI चीफ और NTA महानिदेशक - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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संसदीय समिति की बैठक में शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह शामिल होने पहुंचे। इस बैठक में नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच और परीक्षा संचालन से जुड़ी अनियमितताओं की समीक्षा की जा रही है। डॉ. एम. थंबीदुरई इस समिति के अध्यक्ष हैं।

बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल?

इस बैठक में समिति शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव के साथ-साथ एनटीए के महानिदेशक और सीबीआई के निदेशक के विचार सुनेगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अध्यक्ष और सीबीआई के निदेशक के विचार भी सुनेगी। 

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दरअसल, राज्यसभा सचिवालय की ओर से 27 मई को जारी नोटिस में बताया गया था कि सरकारी आश्वासन समिति ने शिक्षा मंत्रालय, एनटीए और सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है। समिति शुक्रवार सुबह 11 बजे बैठक कर परीक्षा संचालन और जांच से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों का पक्ष सुन रही है।

बैठक में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी, एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह और सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद को बुलाया गया है। समिति विशेष रूप से एनटीए द्वारा परीक्षाओं के संचालन और नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में अब तक हुई जांच की प्रगति पर जानकारी ले रही है।

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जानें क्या है मामला?

यह मामला राज्यसभा में 27 नवंबर 2024 को पूछे गए एक अनस्टार्ड प्रश्न से जुड़ा है, जिसमें एनटीए द्वारा परीक्षाओं के संचालन को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने कहा था कि परीक्षा आयोजित कराने के लिए एजेंसियों को भारत सरकार के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ठेके दिए जाते हैं।

मंत्रालय ने यह भी बताया था कि यदि किसी वेंडर के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो टेंडर और वर्क ऑर्डर की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। जरूरत पड़ने पर भुगतान में कटौती से लेकर एजेंसी को डिबार करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

नीट यूजी परीक्षा इस साल 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है और दोबारा परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है।
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