जानें क्या है मामला?
यह मामला राज्यसभा में 27 नवंबर 2024 को पूछे गए एक अनस्टार्ड प्रश्न से जुड़ा है, जिसमें एनटीए द्वारा परीक्षाओं के संचालन को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके जवाब में शिक्षा मंत्रालय ने कहा था कि परीक्षा आयोजित कराने के लिए एजेंसियों को भारत सरकार के नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ठेके दिए जाते हैं।
मंत्रालय ने यह भी बताया था कि यदि किसी वेंडर के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो टेंडर और वर्क ऑर्डर की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। जरूरत पड़ने पर भुगतान में कटौती से लेकर एजेंसी को डिबार करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
नीट यूजी परीक्षा इस साल 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है और दोबारा परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है।