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UP News: गोरखपुर में अवैध बस स्टैंड संचालित कर रंगदारी वसूलने पर केस, दो गिरफ्तार

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 20 Sep 2022 11:26 AM IST

सार

एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि पार्किंग की आड़ में अवैध स्टैंड संचालित किया जा रहा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन अलग-अलग केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
 
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पुलिस के गिरफ्त में आरोपी प्रदीप सिंह और शिव कुमार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी चौराहे के पास पार्किंग का ठेका हासिल कर अवैध रूप से बस स्टैंड संचालित कर वसूली करने के मामले में सोमवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कैंट पुलिस ने तीन अलग-अलग तहरीर पर रंगदारी, मारपीट, वसूली, धमकी देने साहित अन्य धाराओं में तीन केस दर्ज किए हैं।

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तहरीर के आधार पर दिव्यांशु कंस्ट्रक्शन के प्रदीप सिंह, मुकुंद सिंह, प्रदीप शर्मा, शिव शुक्ला को नामजद किया गया। पांच अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने प्रदीप सिंह और शिव शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है।

पकड़ा गया आरोपी प्रदीप सिंह मोहद्दीपुर और शिवकुमार शुक्ला इन्द्रानगर का निवासी है। पुलिस ने आजाद नगर निवासी रामचरण सिंह, शिवदानी रोडवेज इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक सुभाष चंद तिवारी और गोरखपुर प्राइवेट बस ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन की तहरीर पर केस दर्ज किया है।
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जानकारी के मुताबिक, रामचरण ने तहरीर में लिखा है कि बसों का पार्किंग शुल्क 40 रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद मनमानी की जा रही और 350 रुपये प्रति गाड़ी वसूली की जा रही है। ठेकेदार अवैध वसूली करता है। ज्यादा शुल्क देने से मना करने पर मारपीट भी करता है।

सुभाष ने तहरीर में लिखा कि बिहार सरकार की ओर से बस का परमिट है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन प्राधिकरण लखनऊ ने भी अनुमति दी है। बावजूद इसके बस का संचालन नहीं होने दिया जा रहा है।

गत 25 अगस्त को पार्किंग से बस हटवा दी गई। चालक से अभद्रता की गई। साथ ही प्रदीप सिंह ने धमकी दी और कहा कि यहां से बस नहीं चलने दी जाएगी। रंगदारी के रूप में रुपये भी वसूले गए। प्राइवेट बस एसोसिएशन की ओर से संजय कुमार जायसवाल ने दी तहरीर में लिखा है कि 17 सितंबर को मुकुंद सिंह ने फोन कर धमकी दी। उनकी ओर से रंगदारी भी मांगी गई है। पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अन्य की तलाश में जुटी है

 

तिहरे हत्याकांड का आरोपी है मुकुंद

जैतपुर में पशु बाजार को लेकर एक दशक पहले हुए तिहरे हत्याकांड में मुकुंद सिंह आरोपी था। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में मुकुंद सिंह जेल भी गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर पार्किंग का ठेका हासिल कर लिया था।

लंबे समय से चल रहा विवाद
प्राइवेट बस स्टैंड संचालित होने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पैडलेगंज तिराहे से प्राइवेट बसों का संचालन करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई भी की जा चुकी है। इसके बाद बहुत हद तक विवाद पर अंकुश लग गया था। अब प्राइवेट बसों के संचालन का  विवाद फिर सामने आ गया है।

एडीजी के आदेश पर दर्ज हुआ केस
इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में हुई थी। इसके बाद मामला एडीजी अखिल कुमार के पास पहुंचा। फरियादी संजय ने मामले में कार्रवाई की मांग की। एडीजी के आदेश के बाद हरकत में आई पुलिस ने अलग-अलग तहरीर पर केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि पार्किंग की आड़ में अवैध स्टैंड संचालित किया जा रहा था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीन अलग-अलग केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फरार चल रहे आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
 
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