अमर उजाला की अनूठी मुहिम अपराजिता के तहत मंगलवार को सीआरडीपीजी कॉलेज में बेटियों के आत्मरक्षा का प्रशिक्षण की शुरुआत हुई। लगातार सात दिनों तक चलने वाले शिविर के पहले दिन ताइक्वांडो प्रशिक्षक विशाल कुमार ने बेटियों को सुरक्षा के दाव पेंच सिखाए।
महाविद्यालय प्रबंधक डॉ. विजयलक्ष्मी मिश्र ने कहा प्रशिक्षण से बेटियों का हौसला बढ़ा है। प्राचार्य डॉ. सुमन सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बेटियों का आत्मबल बढ़ेगा। उप प्राचार्य डॉ. स्वप्निल पांडेय ने अतिथियों का आभार जताया। संचालन प्रीति त्रिपाठी ने किया।
प्रशिक्षण में 278 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण को सफल बनाने में डॉ. रेखा रानी शर्मा, डॉ. अमिता अग्रवाल, डॉ. आस्था प्रकाश, डॉ. पूजा, डॉ. प्रिया, शनि आदि लोग का विशेष योगदान रहा।
छात्रों ने क्या है
प्रशिक्षण शिविर में पता चला की लाठी डंडे के वार को तकनीक के माध्यम से बेकार किया जा सकता है। प्रशिक्षण से आत्मबल बढ़ेगा।
- महिमा तिवारी, एमए, द्वितीय वर्ष
प्रशिक्षण से हौसला बढ़ा है। आत्मरक्षा का गुर सीखकर आत्मविश्वास में बढोतरी होगी। स्कूलों में इस तरह के आयोजन लगातार होने चाहिए।
- कशिश शर्मा, बीए, द्वितीय वर्ष
ताइक्वांडो प्रशिक्षक ने आत्मरक्षा के उपायों की सटीक जानकारी दी। यह प्रशिक्षण भविष्य में बहुत काम आएगा। हम सभी का आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- पूजा निषाद, एमए, प्रथम वर्ष
समाज में बेटियों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। मगर, अब भी हमें लंबा रास्ता तय करना है। इस तरह का कार्यक्रम समय की मांग है।
- श्रुति शाही, एमए, प्रथम वर्ष