अंबाला। सबसिडी वाले गैस सिलेंडरों की सीलिंग होने के बाद एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं के सामने समस्या यह है कि आखिर वे सबसिडी पर सिलेंडर कैसे लें। केवाईसी फार्म में उपभोक्ताओं से इन दोनों की जानकारी मांगी गई है। ऐसे में कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके पास आधार कार्ड अथवा बैंक अकाउंट में से एक है। ऐसे में सबसे बुरी स्थिति आधार कार्ड धारकों को है। एजेंसी संचालक भी इसी पसोपेश में हैं कि सबसिडी हासिल करने के लिए दोनों जरूरी हैं और कार्ड अथवा अकाउंट में से एक होने की स्थिति में क्या करें।
पिछले करीब डेढ़ माह से गैस एजेंसी संचालक उपभोक्ताओं से केवाईसी फार्म हासिल कर रहे हैं, ताकि सबसिडी वाले गैस सिलेंडरों की सही जानकारी मिल सके। नियम है कि आधार कार्ड के जरिए ही बैंक अकाउंट में सबसिडी का पैसा आएगा। यदि दोनों हैं, तो यह आसानी से मिल जाएगी, लेकिन यदि इसमें से एक कालम भी खाली छोड़ दिया गया, तो सबसिडी हासिल करने के लिए परेशानी उपभोक्ताओं और एजेंसी संचालकों को होगी। एजेंसी संचालक भी कहते हैं कि कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने अपने आधार कार्ड व बैंक अकाउंट नंबर ही नहीं दिए या फिर इन दोनों में से एक कालम को भरा है। ऐसे केसों में क्या करें, इसके बारे में स्थिति साफ नहीं है।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
अंबाला। इस बारे में उपभोक्ता में प्रदीप कुमार, चिरंजी लाल, श्यामा प्रसाद, गोकुल शर्मा का कहना है कि यह एजेंसी संचालक का काम है कि वह उपभोक्ता को यह सबसिडी दे। सरकार को भी चाहिए कि वह सारा कार्य पूरा करने के बाद ही इस योजना को जारी करती। अब आधार कार्ड हासिल करने मेें ही कम से कम चार सप्ताह का समय लगेगा, जबकि कई ऐसे हैं, जिन्होंने आधार कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है, लेकिन उनको कार्ड ही नहीं मिला।