अंबाला। सीबीएसई की दसवीं बोर्ड की परीक्षा में छोरियां का दबदबा रहा। हालांकि कुछ दिन पहले घोषित बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के टॉपर रैंक पर लड़कों ने कब्जा किया था, लेकिन दसवीं के ओवरआल रिजल्ट में लड़कियों ने बाजी मारी। दस सीजीपीए लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा है।
बुधवार से ही दसवीं कक्षा के रिजल्ट घोषित होने की सूचना के चलते छात्र व छात्राओं की धड़कने तेज थी। उनकी रात बैचेनी से गुजरी। सुबह जैसे ही रिजल्ट घोषित हुआ, तो छात्र व छात्राओं की खुशी देखने लायक थी। सभी स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूलों में परीक्षा परिणामों की समीक्षा शुरू कर दी।
इस समीक्षा में स्कूल संचालकों ने बताया कि उनके स्कूलों में छात्रों के अपेक्षाकृत छात्राओं ने सबसे ज्यादा सीजीपीए 10 ग्रेड लिया है। इसी को लेकर स्कूलों में पहुंची छात्राएं खुशी से झूम उठी। कई छात्राओं ने जहां स्कूल में ही थिरककर खुशी मनाई, वहीं सेंट जोसफ स्कूल की प्राचार्या किरण बनर्जी भी छात्राओं के उत्साह के साथ उत्साहित होकर उनके साथ थिरकी। इसके अतिरिक्त आईपीएस स्कूल के प्राचार्य चार्ल्ज जे. ओस्टा, एसए जैन सीनियर मॉडल स्कूल की प्राचार्य अनीता मेहता, डीएवी रिवर साइड की प्राचार्य शिवानी सरीन, मेजर आरएन कपूर डीएवी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या रेखा वर्मा, लार्ड महावीर जैन पब्लिक स्कूल की प्राचार्य रुचि शर्मा, समेत अन्य स्कूलों की प्राचार्यों ने भी छात्र व छात्राओं की कामयाबी पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हे शुभकामनाएं व आशीर्वाद दिया। स्कूलों में इन छात्रों का मुंह भी मीठा करवाया गया।
अब शुरू हुई छात्रों की माथापच्ची
दसवीं के रिजल्ट के बाद अब बच्चों में सब्जेक्ट सलेक्शन को लेकर माथापच्ची शुरू हो गई है। ग्यारहवीं में छात्र कामर्स आर्टस, मेडिकल या नान मेडिकल लें, इसके लिए वे अपने शिक्षकों से सलाह कर रहे हैं। इसी को लेकर कई छात्र तो बेहद परेशान है। छात्र संजीव, सुशांत, पलक, शिवानी, सुरभि, रुचिका, भावना, पखुंडी ने बताया कि वह उलझ गए हैं कि वे क्या सब्जेक्ट लें, वे कुछ सोच रहे हैं, घरवाले कुछ कह रहे हैं। इसलिए वे अपने टीचर से डिसकस कर रहे हैं, उसके बाद ही वे तय करेंगे, उन्हे आगे क्या लेना है। क्योंकि उनका लिया हुआ सब्जेक्ट ही आगे उनका भविष्य तय करेगा।