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कैंट में मेयर, सीनियर डिप्टी, डिप्टी मेयर के बैठने के लिए कार्यालय नहीं

Ambala Updated Mon, 02 Sep 2013 05:36 AM IST
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अंबाला। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए नगर निगम के कैंट जोन में बैठने के लिए कोई जगह नहीं है। वे लोग कहां बैठें और जनता की समस्या सुनें, इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। लिहाजा सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को चलते-फिरते ही लोगों की समस्या सुनने को मजबूर होना पड़ता है। इससे भी वह सभी जगह नहीं पहुंच पाते, जिससे परेशानी लोगों को हो रही है, वे इन लोगों को ही ढूंढते रहते हैं। उधर, मेयर भी वैसे तो शहर में बैठते हैं, वहां निगम की शहर जोन में बाकायदा उनका कमरा बना दिया है लेकिन जब मेयर अंबाला कैंट निगम जोन में आते हैं तो मेयर साहब को भी ईओ के कमरे में बैठाया जाता है। वहीं, बगल में कुर्सी लगाकर सीनियर डिप्टी मेयर और उनके बगल में कुर्सी लगाकर डिप्टी मेयर बैठ जाते हैं। मेयर जाते हैं तो वे दोनों भी चले जाते हैं लेकिन नगर निगम की ओर से तीनों जनप्रतिनिधियों के लिए कैंट जोन कार्यालय में एक-एक कमरे की व्यवस्था अभी तक नहीं की गई है। जबकि कैंट जोन में ही चेयरमैन का कमरा खाली पड़ा धूल फांक रहा है। साथ ही चेयरमैन कमरे के पास ही निगम के घुसते सामने ही दो अन्य कमरों की व्यवस्था भी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए हो सकती है। मगर नगर निगम के अफसरों ने आज तक ऐसा करने की जरूरत नहीं समझी और इसका नुकसान भी जनता ही भुगत रही है।
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यू परेशान होते हैं लोग
लोग निगम में आते हैं, लेकिन उन्हे सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर को काम के लिए ढूंढना पड़ता है। वो इसलिए क्योंकि निगम में अफसरों से उन्हें जल्दी मिलने नहीं दिया जाता और क्लर्क उनसे मिलते ही उन्हें टरकाने की करते हैं। इसलिए लोग अपनी समस्याएं सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के जरिए ही आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं। दोनों जनप्रतिनिधियाें का कोई कमरा नहीं होने की वजह से सीनियर डिप्टी मेयर कार में और डिप्टी मेयर स्कूटर में ही जनता के बीच जाकर उनसे मिलने की कोशिश करते रहते हैं।

अब क्या करें, देखते ही नगर निगम के अफसर क्या करते हैं। अभी तो खुद मेयर भी ईओ के कमरे में बैठते हैं। मैं भी कभी-कभी चला जाता हूं लेकिन अलग से बाकायदा एक कमरा हो तो जनता भी अपनी समस्या लेकर सीधे उनके पास आए और हम भी उनकी समस्या सुनकर उसे हल करवा सकें।
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-दुर्गा सिंह अत्री, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम-

मैं खुद अभी तक हैरान हूं कि मेयर, सीनियर मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कैंट में कोई अलग कार्यालय ही नहीं है। नगर निगम के अफसर और क्लर्कों को शायद उनका ख्याल ही नहीं है। चलों, हमें तो लोगों की समस्याएं जाननी है, यहां बैठकर जान लेंगे या उनके पास जाकर सुन लेंगें। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।
-सुधीर जयसवाल, डिप्टी मेयर, नगर निगम-
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