जाट स्कूल में कृषि विभाग की ओर से विभिन्न विभागों के सहयोग से आयोजित जिलास्तरीय किसान मेले में शनिवार को किसानों ने कृषि क्षेत्र में प्रयोग की जाने वाली नई-नई तकनीकों की जानकारी ली। कृषि विभाग, बीज विकास निगम, कृषि विज्ञान केंद्र, मत्स्य पालन, पशुपालन, हैफेड, एग्रो, गेहूं अनुसंधान संस्थान करनाल, चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों को नई वैरायटी, खेत की तैयारी, नई सिंचाई विधियां, नई उपचार विधियां, नए उपकरणों के बारे में जानकारी दी।
मेले में लगभग 8 हजार से ज्यादा किसानों ने भाग लिया। इसमें से 5 हजार 300 ने विधिवत रूप से रजिस्ट्रेशन भी करवाया। इसके अलावा पहली बार किसान मेले में रक्तदान की शुरुआत करते हुए 116 किसानों ने रक्तदान कर नई पहल की। मेले में सुबह दस बजे से ही किसानों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। जहां शुरुआत में पंडाल में रजिस्ट्रेशन के बाद 100 से ज्यादा पंडालों में सरकारी, गैर सरकारी संस्थानों की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर जाकर किसानों ने जानकारियां हासिल की, वहीं मुख्य मंच पर कृषि विशेषज्ञों गेहूं अनुसंधान संस्थान की डायरेक्टर डा. इंदू शर्मा, केविक मुख्य वैज्ञानिक डा. आरसी वर्मा, डा. भटनागर, अनुसंधान संस्थान कौल से डा. धर्म सिंह, डायरेक्टर एनडीआरआई डा. एनके गोसाईं, अमेठी जींद से डा. कमल, संजीव कुमारी, आईसीएआर मेंबर कुलदीप धारीवाल ने किसानों को जानकारी दी।
हरियाणा के लोक निर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मेले का उद्घाटन करते हुए एक-एक स्टॉल पर जाकर किसानों एवं विशेषज्ञों से बातचीत की। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे कम पानी में दोगुनी पैदावार देने वाली फसलों को प्राथमिकता दें। इस्राइल की तर्ज पर खेती में उन्नत किस्मों का उपयोग करके कम जोत में ज्यादा पैदावार लेकर खेती से अपनी आय का जरिया बढ़ाएं। उन्होंने मेले में कृषि विभाग की स्मारिका का उद्घाटन किया। सरकार द्वारा किसानों के हित में लिए गए फैसलों गन्ना के लिए 301 रुपये का सर्वाधिक रेट दिए जाने जैसे फैसलों की जानकारी दी।
कृषि उपनिदेशक डा. पवन शर्मा ने बताया कि इस किसान मेले में पांच हजार से अधिक किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है, वहीं हजारों की संख्या में किसानों ने मेले का अवलोकन किया है। मेले में सभी किसानों के लिए भोजन का प्रबंध किया गया, वहीं हर किसान को जिप्सम की थैली बतौर सैंपल के दी गई है। इस अवसर पर डीसी एनके सोलंकी, पुलिस अधीक्षक कुलदीप यादव, एडीसी अरविंद मल्हान, एसडीएम नरहरि सिंह बांगड़, जिला राजस्व अधिकारी राजबीर धीमान, डीडीपीओ राजेश कोथ, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव दिल्लू राम, ब्रिजेंद्र मान, नाजर सिंह दयौरा, रामनिवास मित्तल, डा. श्याम साहनी, जयपाल शर्मा, राजपाल कादियान, मनी राम, कुशलपाल सिरोही, दर्शन मालखेड़ी, रूलदू राम, दिलबाग मोर, कुलदीप धालीवाल आदि मौजूद रहे।
धान का थ्रेशर देखकर दंग रह गए किसान
मेले में वैज्ञानिकों द्वारा ईजाद किए गए धान के थ्रेशर को देखकर किसान दंग रह गए। गेहूं की तर्ज पर इस थ्रेशर में धान को काट कर डालने पर धान का दाना अलग हो जाएगा और भूसा अलग हो जाएगा। इसकी कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है। इस पर विभाग की ओर से 40 हजार रुपये सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा बायोगैस प्लांट के सुधरे हुए रूप को भी काफी पसंद किया गया। इसमें एक प्लास्टिक की टंकी में यह प्लांट बनाया गया है। एक दिन में महज 30 किलो गोबर से यह 3 घंटे तक चलने वाली गैस की मात्रा उपलब्ध करवाता है। पूर्व के प्लांट की अपेक्षा इसमें जगह की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्रीय अवार्डी किसानों को मिला सम्मान
हरियाणा के कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने मेले के समापन समारोह में प्रगतिशील किसानों, नेशनल अवार्डी किसानों तथा फसल प्रतियोगिता के विजेता किसानों को पुरस्कृत किया। कृषि मंत्री ने किसान मेले में विभिन्न विभागों की ओर से लगाई गई प्रदर्शनियों के विजेता स्टाल प्रभारियों को भी सम्मानित किया और कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर करवाई गई प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के पुरुष व महिला किसानों को भी पुरस्कार प्रदान किए। इस मौके पर उनके साथ डीसी एनके सोलंकी, एडीसी अरविंद मल्हान, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सदस्य कुलदीप धारीवाल व अन्य कृषि अधिकारी मौजूद रहे। उन्हाेंने किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी भी दी। नेशनल अवार्डी किसान कुशल पाल सिरोही, ईश्वर सिहं कुंडू, रणधीर श्योकंद, महेंद्र सिंह रसीना, मनी राम कादियान को सम्मान मिला। इसके अलावा बलजिंद्र ग्योंग भी कृषि सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी स्टॉलों के चयन करने के लिए जिला राजस्व अधिकारी राजबीर धीमान, डीडीपीओ राजेश कोथ तथा जिला सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी रणधीर शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। मंच का संचालन सहायक सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी महेंद्र खन्ना ने किया।