फतेहाबाद निवासी एवं सिरसा में ब्याही गई गगन के घर में डेढ़ माह पहले एक नन्हीं परी आई थी। उसकी गोद में हंसती-खेलती लक्ष्मी महज डेढ़ माह में ही सबकी चहेती बन गई थी। हालांकि होनी को शायद कुछ और मंजूर था। शनिवार को उसकी सलामती के लिए लगाया गया इंजेक्शन डेढ़ माह की नवजात बच्ची के लिए जानलेवा साबित हुआ। शनिवार को इंजेक्शन लगने के बाद गगन के पिता पिंका अपनी बेटी और दोहती को कुछ दिनों के लिए गुरुनानक पुरा स्थित अपने घर में ले आए।
शनिवार रात को उसकी डेढ़ माह की दोहती की तबियत अचानक बिगड़ गई और सुबह जब उसे सरकारी अस्पताल में लेकर आए तो डाक्टरों ने प्राथमिक जांच में ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों के इस एलान से गगन एवं उसके दोनों परिवारों में मानो हड़कंप मच गया। गगन को तो अपनी गुड़िया के जाने का विश्वास ही नहीं हुआ, जब उसके परिजन उसे वापस घर ले जा रहे थे तो रोती हुई गगन बार-बार परिजनों से गुहार लगा रही थी कि उसकी बेटी को ला दो। उसकी हालत देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें भी नम हो गई।
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अस्पताल में जानकारी देते मृत बच्ची के नाना पिंका ने बताया कि उसकी बेटी गगन की शादी लगभग दो साल पहले सिरसा में हुई थी। अभी लगभग डेढ़ माह पहले ही उसकी बेटी के घर में उसकी दोहती का जन्म हुआ। पिंका के मुताबिक वो शनिवार को ही बेटी और नवजात दोहती को मायके लेकर आने के लिए सिरसा गया था।
आने से पहले गगन के घर में आंगनबाड़ी वर्कर आकर उसे डेढ़ माह वाला टीका लगा गई। इसके बाद वो गगन और उसकी बेटी को घर ले आया। पहले शनिवार देर रात और उसके बाद रविवार सुबह उसकी तबियत बिगड़ गई। जिसके बाद उसके परिजन पहले उसे एक स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए और उसके बाद सामान्य अस्पताल में लेकर गए। जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक मृतक नवजात बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। दूसरी ओर अस्पताल स्टाफ का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।