गुड़गांव। शहर की सड़कों पर निकलने से पहले जरा सावधान हो जाएं! एक दिन की मूसलाधार बारिश के बाद सड़कें खतरनाक हो गई हैं। जिन एरिया में हाल ही में विकास कार्य कराए गए हैं, वहां सबसे अधिक खतरा है। ऐसी जगह पर मिट्टी और सड़क धंसने से लोगों में खौफ है।
शहरी एरिया में विकास कार्य जोरों पर हैं। जगह-जगह सीवर और बरसाती पानी के लिए ड्रेनेज लाइन डाली जा रही हैं। करीब 80 प्रतिशत स्थानाें पर काम खत्म करने के बाद मिट्टी को ऐसे ही छोड़ दिया गया है। विकास एजेंसियां यहां बरसात के बाद सड़क का निर्माण कराएंगी। ऐसे में यह सड़क खतरनाक साबित होने लगी हैं। नगर निगम एरिया में सेक्टर 39 में निगम कार्यालय से लेकर झाड़सा गांव के पीपल पेड़ तक ड्रेनेज की लाइन डाली गई है। यहां काम अधूरा था। बारिश के बाद इस ड्रेन के आसपास की मिट्टी धंस गई है। इस कारण इसके आसपास से गुजरना खतरनाक हो गया है।
गांव खेड़की दौला में मेन सड़क से लेकर राजकीय प्राथमिक स्कूल तक 89 लाख रुपये की लागत से हाल ही में बरसाती पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया है। यहां भी मिट्टी धंसने की शिकायत है।
बस अड्डे से माता मसानी की ओर जाने वाली सड़क के दोनों ओर ड्रेनेज की व्यवस्था की गई है। इसके साथ भी मिट्टी धंसने लगी गई है।
पटेल नगर एरिया में ज्योति अस्पताल के पास सीवर की लाइन डालने का काम चल रहा था। यहां बरसात के बाद कीचड़ फैल गया है। इस कारण गहराई वाले एरिया की जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सड़क से जरा सा नीचे की ओर जाने पर खतरा है।
सेक्टर पांच चौक से बाबा प्रकाशपुरी चौक की ओर मास्टर सीवरेज लाइन डालने के लिए करीब दस से पंद्रह फीट गहराई की खुदाई की गई थी। बरसात के बाद मिट्टी बहकर वापस खुदाई वाले एरिया में चली गई। इससे मिट्टी समतल हो गई है। मिट्टी में दलदल होने के कारण यह वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक बन गई है। बाबा प्रकाशपुरी चौक से सेक्टर 4 -7 होते हुए धनवापुर की ओर जाने वाले रोड की खुदाई कर यहां मास्टर सीवर लाइन डाली गई थी। बरसात के बाद यहां मिट्टी धंसने लगी है। इस कारण यहां से निकलना खतरे से खाली नहीं है।
संकेतक न होने से अधिक दिक्कत
हुडा, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों के आसपास किसी तरह के संकेतक नहीं लगाए गए हैं। इस कारण लोगों को जानकारी नहीं मिल पा रही है। जानकारी के अभाव में खतरा अधिक बढ़ गया है।
तीन जगह धंसीं गाड़ियां, एक जगह सड़क
-पहली बारिश के बाद हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के नजदीक बैंक की एक गाड़ी फंस गई। रात को करीब छह घंटे बाद इसे निकाला जा सका।
-गांव झाड़सा के पास सेक्टर 39 एरिया में ईंट से भरा एक ट्रक धंस गया। वाहन चालक ने गाड़ी को खाली कराया। इसके बाद क्रेन की मदद से इसे निकाला गया।
-सेक्टर बाबा प्रकाशपुरी चौक से धनवापुर रोड पर रात के समय अधिक पानी भर जाने के कारण कई गाड़ियां बंद हो गईं।
-पालम विहार से सेक्टर पांच की ओर आने वाला रोड शुक्रवार की देर रात धंस गया। करीब 25 फीट लंबाई में सड़क दो से ढाई फीट नीचे चली गई। जानकारी मिलने के बाद ट्रैफिक को एक ओर से ही निकाला गया। हुडा की इंजीनियरिंग विंग ने रिपेयरिंग का काम शुरू कर दिया है।
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विकास कार्य पूरे होने के बाद ही सड़क निर्माण का प्रावधान है। आमतौर पर बारिश के बाद ही सड़क का निर्माण किया जाता है। इससे पहले सड़क का निर्माण होने पर सड़क में दरार आ जाती हैं। बरसात के बाद मिट्टी पूरी तरह से सामान्य हो जाती है। इसके बाद सड़क निर्माण होने से सड़क की आयु अधिक होती है।
-राजेश बंसल, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम