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‘कल मेरे मोहल्ले में एक हादसा हो गया’

Gurgaon Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
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गुड़गांव। एचएसआईआईडीसी हाल सोमवार की देर शाम हंसी और ठहाकों से गूंजता रहा। मौका था हास्य कवि सम्मेलन का। यहां मार्मिक और भावनात्मक कविताओं का भी खूब बोलबाला रहा। कवि वेद प्रकाश ‘वेद’ ने मौजूदा व्यवस्था पर व्यंग्य करते हुए कहा कि ‘कल मेरे मोहल्ले में एक हादसा हो गया, मैं दु:ख प्रकट करने उसके घर गया, वो मेरे से लिपटकर रोने लगा और कहने लगा, भाई साहब साल में छह ही तो आते थे, उनमें से एक फट गया’।
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इस सम्मेलन का आयोजन हास्य व्यंग्य कवि स्व. ओम प्रकाश ‘आदित्य’ की स्मृति में किया गया। इसे जिला प्रशासन और हरियाणा साहित्य अकादमी ने संयुक्त रूप से किया। इसमें स्व. आदित्य के परिजन भी आए हुए थे। सम्मेलन में देशभर के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. सीता सागर, अरुण जैमिनी, डॉ. विनय विश्वास, ऋतु गोयल, वेद प्रकाश वेद, चिराग जैन, महेंद्र अजनबी और सुरेंद्र शर्मा मौजूद रहे। सभी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। कवि अरुण जैमिनी ने 21वीं सदी के मौजूदा हालात पर कविता के माध्यम से व्यंग्य किया। उन्होंने कहा ‘कुछ चीजों में चीज, बातों में बात, 21वीं सदी में ढूंढते रह जाओगे, बच्चों में बचपन, जवानों में यौवन, आपस में प्यार, सौ रुपये उधार, भरापूरा परिवार और नेता ईमानदार, गांव में अखाड़ा, शहर में सिंघाड़ा, आंखों में पानी, दादी की कहानी, तराजू में बट्टा और लड़कियों के सिर पर दुपट्टो’’। इस रचना पर उन्होंने श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं। कवि महेंद्र अजनबी की रचना ‘हम भूल गए हैं आपस का प्यार, हाय री टीवी कि ऐसी रवानी, बच्चे भूल चले दादी-नानी, भूलों की इस भूल-भुलैया में हम सब भूलते जा रहे हैं अपना देश’ को भी लोगों ने खूब सराहा। अंतर में सुरेंद्र शर्मा ने रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
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