गुड़गांव। पिछले चार महीनों से गुलजार सुल्तानपुर के राष्ट्रीय पक्षी उद्यान से प्रवासी पक्षियों के लौटने का समय आ गया है। मौसम में आ रहे बदलाव के हिसाब से अब उनके घर वापसी में मात्र 10 दिन शेष रह गए हैं।
राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में जब से साइबेरियन पक्षियों का आगमन शुरू हुआ है, इनका दीदार करने वाले बड़ी संख्या में आ रहे हैं। फिलहाल पिछले कुछ दिनों से सुल्तानपुर पक्षी उद्यान में आने वालों की संख्या बढ़ गई है। इसका कारण पक्षियों के जाने का समय नजदीक आना है। उद्यान में रोज कम से कम 500 पक्षी प्रेमी पहुंच रहे हैं। कोई इन्हें अपने कैमरों में कैद कर रहा है, तो कोई इनके बारे में जानकारी इकट्ठी कर जिज्ञासा शांत कर रहा है।
राष्ट्रीय पक्षी उद्यान के स्टाफ सुरेश का कहना है कि झील में मेहमान पक्षियाें की संख्या तकरीबन 28 हजार है। अभी इनकी वापसी शुरू नहीं हुई है। अगले दस दिन तक इनके लौटने का क्रम शुरू हो जाएगा। यह मौसम के मिजाज पर निर्भर है। सुरेश का कहना है कि सुल्तानुपर झील में सुबह और शाम पक्षियों की अटखेलियां लोगों को खूब भा रही हैं।
नील गाय-ब्लैक बक भी देखने आ रहे
राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में सिर्फ पक्षी प्रेमी ही नहीं, नील गाय और ब्लैक बक का दीदार करने वाले भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। इन दोनों जंतुओं को देखने के लिए लोग कई घंटे झील के आसपास टकटकी लगाए रखते हैं। कभी-कभी पूरी झील का चक्कर लगाने में भी नहीं हिचकते। पूरे एरिया का चक्कर लगाने में तकरीबन डेढ़ घंटे का समय लगता है।
ये पक्षी करते हैं आकर्षित
साइबेरियन क्रेन, ब्राउन श्राइक, ग्रेटर फ्लेमिंगो, रुफ, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, कॉमन टील, कॉमन ग्रीनशैंक, वुड सैंडिपर, स्पोटेड सैंडिपर, यूरेशियन वेगन, ब्लैक क्राउंड नाइट हेरोन, यूरेशियन गोल्डेन ओरिवोल, कोंब डक, ब्लू चिक्ड बी ईटर।