अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के नेतृत्व में मजदूरों ने मंगलवार को लघु सचिवालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान नपीनो ऑटो और सीनियर इंडिया कंपनी के विवाद को हल कराने की मांग को लेकर उपायुक्त शेखर विद्यार्थी को मांग पत्र सौंपा।
मंगलवार को लघु सचिवालय परिसर में जमा हुए श्रमिक नारेबाजी करने के बाद धरने पर बैठ गए। इस मौके पर एटक के राष्ट्रीय सचिव डीएल सचदेव ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार मजदूर विरोधी फैसले ले रही है।
श्रमिकों की बात नहीं सुनी जा रही है। एटक के प्रांतीय अध्यक्ष बलबीर सिंह घणघस ने कहा कि श्रमिकों का हर स्तर पर शोषण हो रहा है। मारुति मामले में सरकार को उच्चस्तरीय न्यायिक जांच करानी चाहिए। नपीनो ऑटो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स और सीनियर इंडिया कंपनी में सालभर से विवाद चल रहा है।
श्रमिकों की समझदारी से कोई अनहोनी घटना नहीं हो रही है। श्रम विभाग विवाद को हल कराने में नाकाम है। इस मौके पर सुरेश यादव, अनिल पंवार, मुन्ना कुमार, मनोज कुमार, बलबीर कंबोज, विमल कुमार, रामनिवास यादव, अजय कुमार, सतीश गुजर, गोपाल प्रसाद, भुवनदास, सतपाल, मुरली कुमार आदि ने संबोधित किया।
क्या है विवाद
कर्मचारियों के अनुसार, नपीनो ऑटो एंड इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में वेतन बढ़ोतरी की मांग रखी थी। इस पर इनकार कर दिया गया। दस महीने से इस मुद्दे को लटकाया जा रहा है। मारुति, हीरो सहित अन्य कई कंपनियों में इस साल वेतन में अच्छी बढ़ोतरी होने के बाद से नपीनो के कर्मचारी अपनी मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। प्रबंधन की ओर से इसे नकारा जा रहा है।
सीनियर इंडिया कंपनी के कर्मचारी भी वेतन बढ़ोतरी व 12 कर्मचारियों की बहाली की मांग कर रहे हैं। कंपनी में करीब डेढ़ साल पहले 12 कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। कर्मचारियों के अनुसार, बाद में इन कर्मचारियों को बहाल करने पर सहमति बनी थी। सहमति के एक साल बाद भी इन कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जा रहा है। इससे श्रमिकों में आक्रोश है।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों का शोषण कर रहा है। वेतन बढ़ोतरी नहीं की जा रही है।
- लक्ष्मीलाल, नपीनो कंपनी के कर्मचारी
अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए लगातार आंदोलन करते रहेंगे।
-सर्वेश, नपीनो कंपनी के कर्मचारी
प्रबंधन की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। इसे सहना मुश्किल हो चुका है।
-प्रमोद, सीनियर इंडिया के कर्मचारी
कंपनी प्रबंधन वादाखिलाफी कर रहा है। कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं लिया जा रहा है।
-सुदर्शन, सीनियर इंडिया कंपनी के कर्मचारी