सिरसा। अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश मान ने कहा है कि पंद्रह दिसंबर तक यदि सरकार ने जाट आरक्षण को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की तो 16 दिसंबर से आरपार की लड़ाई शुरू हो जाएगी। इस बार आंदोलन का नेतृत्व खापें करेंगी। वे रविवार को लोक निर्माण विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर को भिवानी में करीब सवा सौ खाप पंचायतें व जाट संगठन महापंचायत में आरक्षण की रूपरेखा तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार आरक्षण का संघर्ष पूरी तरह से शांतिपूर्वक रहेगा। आरक्षण में असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए अनुशासन कमेटी बनाई जाएगी। नेतृत्व का जिम्मा भी खाप पंचायतों को इसी लिए सौंपा गया है ताकि कोई संघर्ष के दौरान माहौल खराब न करे। मान ने बताया कि 23 दिसंबर तक दिल्ली के बाहरी क्षेत्र का घेराव कर जाट समुदाय के लोग केंद्र से जाटों को ओबीसी में शामिल करने की मांग उठाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस बार आंदोलन के दौरान रेलवे ट्रैक रोकने का कोई कार्यक्रम नहीं हैं, वे शांति पूर्वक ढंग से इस आंदोलन को लंबा चलाकर सरकार से मांग मनवाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वे राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुचंाने के पक्षधर नहीं हैं। वे केवल सरकार के समक्ष अपनी मांग रखना चाहते हैं और ऐसा करना उनका संवैधानिक अधिकार भी है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 15 दिसंबर तक आरक्षण पर रिपोर्ट पेश करने का आश्वासन दिया गया था। मान ने बताया कि इस बार आंदोलन में सभी खाप पंचायतें व सभी जाट संगठन भाग लेंगे। आरक्षण को लेकर विभिन्न कमेटियां बनाई जाएंगी ताकि आंदोलन अपने उद्देश्य से न भटके। ये कमेटियां अपना-अपना कार्य देखेंगी। इस अवसर पर महासभा के जिलाध्यक्ष श्रवण डूडी, बैनीवाल खाप के जिलाध्यक्ष राम सिंह बैनीवाल भी उपस्थित थे।