जींद। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर कार्यकर्ताओं ने बीमा पॉलिसी में घोटाले की जांच की मांग को लेकर मंगलवार दोपहर को अलेवा बस अड्डे पर जींद-करनाल मार्ग पर जाम लगा दिया। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्परों ने मांग उठाई कि फ्रॉड करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और बीमा के नाम वसूली गई राशि ब्याज सहित दिलाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेंटरों को बंद कर देगी। सीडीपीओ किरण परुथी और नायब तहसीलदार शमशेर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। तीन घंटे लगे लोग जाम में फंसे रहे।
आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर कार्यकर्ता बीमा पालिसी में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर कार्यकर्ता मंगलवार दोपहर को अलेवा बस अड्डे पर पहुंच गई। उन्होंने अवरोधक डालकर जींद-करनाल मार्ग पर जाम लगा दिया। उन्होंने बताया कि दो-तीन साल पहले वर्कर ने कार्यक्रम अधिकारी के कहने पर काफी संख्या में लोगों की पॉलिसी की थीं। पॉलिसी करवाने में एजेंट जसबीर मलिक ने करोड़ों रुपये का अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा किया है। एजेंट नियमित रूप से पैसा लेता रहा लेकिन पैसा एलआईसी में जमा नहीं करवाया।
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उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ करोड़ से अधिक रुपये एजेंट को दिया गया था। उन्होंने फर्जीवाड़े की सरकार से जांच कराने की मांग की। फर्जीवाड़े में शामिल एजेंट और अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। उनकी राशि ब्याज सहित वापस लोटाई जाए। उन्होंने चेताया कि अगर उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सेंटरों को बंद कर देगी। जाम लगने की सूचना मिलते ही सीडीपीओ किरण परुथी तथा नायब तहसीलदार शमशेर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।