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काला पीलिया से डरे लोग डीसी से मिले

Hisar Updated Tue, 02 Jul 2013 05:31 AM IST
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सिरसा। गांव धोतड़ मेें इन दिनों अनेक लोग काला पीलिया रोग की चपेट में है और एक व्यक्ति की मौत तक हो चुकी है। इस रोग की रोकथाम का उचित प्रबंध करने और मरीजाें तो उपचार दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधि मंडल उपायुक्त से मिला और ज्ञापन सौंपा। उपायुक्त ने इस संबंध में तत्काल उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
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गांव घोतड़ निवासी संजय न्यौल, रविंद्र, पालाराम, हनुमान सिंह पंच, कृष्ण सहित सहित कई ग्रामीण सोमवार को उपायुक्त डॉ. जे गणेसन से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपा। उन्हाेंने डीसी को बताया कि गांव में इन दिनों काला पीलिया फैला हुआ है और कई लोग इस बीमारी की चपेट में है। उन्होंने कहा कि कहा कि इस गांव में काला पीलिया रोग का प्रकोप हर वर्ष होता है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से कारगर कदम नहीं उठाए गए है। वर्ष 1996 में भी इस गांव में हैपेटाइटस सी अर्थात काला पीलिया रोग ने करीब दो दर्जन लोगों को मृत्यु का शिकार बनाया था। गांव में हर साल इस बीमारी से एक दो लोगों की मृत्यु हो रही है। गांव के लोग इस कारण काफी दहशत में हैं। यह सब पीने के पानी के कारण हो रहा है। गांव की पानी की डिग्गी में काफी कचरा जमा है। डिग्गी में प्रयोग हुई टीकों की सीरिंज भी पड़ी हैं। पीने का पानी काफी दूषित है और यही पानी पूरे गांव में सप्लाई होता है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1996 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली से आई डाक्टरों की टीम ने गांववासियों को हिदायत थी कि वे बोर का पानी पीने के लिए इस्तेमाल न करें। इन हिदायतों के बावजूद गांव में बोर का पानी ही पीने के लिए दिया जा रहा है। गांव में साफ पानी देने की मांग करते हुए ग्रामीणों ने उपायुक्त से अपील की कि जल्द से जल्द स्वच्छ जल उपलब्ध करवाया जाए। उपायुक्त ने इस संबंध में स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य विभाग को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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