एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

पुलिस के खिलाफ जींद में प्रदर्शन

Hisar Updated Tue, 23 Jul 2013 05:33 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

जींद। गांव जुलानी निवासी कुलदीप की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को पुलिस के खिलाफ जींद में पटियाला चौक पर जाम लगाकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस कार्रवाई करती तो कुलदीप की जान बचाई जा सकती थी। जाम खुलवाने पहुंचे डीएसपी अमरीक सिंह को ग्रामीणों ने यहां तक कह दिया कि वे वहां से चले जाएं। एसपी और एडीसी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जिस भी अधिकारी ने कार्रवाई में लापरवाही बरती है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सवा घंटे बाद जाम खोल दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 जुलाई को जुलानी निवासी कुलदीप (22) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था। उसी दिन कुलदीप के नंबर से परिजनों को फोन आया और 20 लाख रुपये फिरौती की मांगी गई थी। इसकी शिकायत परिजनों ने सदर थाना पुलिस को दी। एक पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो अपहरणकर्ताओं का पता लगा पाई और न ही कुलदीप का कोई सुराग लगा। कुलदीप के नंबर को ट्रेस किया गया तो उसकी लोकेशन खेड़ा खेमावती, नारनौंद और नरवाना का हरिनगर मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने इन जगहों पर गहनता से जांच नहीं की। 21 जुलाई की रात को कुलदीप का शव गांव अमरहेड़ी के खेतों में जमीन में दबा मिला था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में त्वरित कार्रवाई करती तो कुलदीप को बचाया जा सकता था। पुलिस ने मामले को ट्रेस करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके चलते अपहरणकर्ताओं ने कुलदीप की हत्या कर शव को खेतों में दबा दिया।
ग्रामीणों के तीखे तेवरों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा और एडीसी जयबीर आर्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि मृतक के शव का पीजीआईएमएस रोहतक में चिकित्सक बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में जिस भी पुलिसकर्मी ने लापरवाही बरती है उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


पुलिस ने इस मामले में गांव के ही टिंकू और एक अन्य युवक को शक के आधार पर हिरासत में लिया था। उन्होंने पूछताछ में खुलासा हुआ कि कुलदीप की एक सप्ताह पहले हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को गांव अहिरका के खेतों में पीने के पानी की सप्लाई की जाने वाली लाइन के नीचे जमीन को खोद कर शव को दफना दिया था।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें