चौ. बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज उचाना की छात्रा द्वारा रैगिंग के मामले की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को डीसी के आदेशों पर नरवाना के एसडीएम भालसिंह बिश्नोई और जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस सैल कमला शर्मा मामले की जांच के लिए कॉलेज पहुंची।
दोनों अधिकारियों ने कॉलेज प्रबंधन से रैगिंग के मामले की जानकारी ली। हालांकि आरोप लगाने वाली छात्रा को मौके पर नहीं बुलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा का पक्ष जानने के लिए उसको बाद में बुलाया जाएगा।
12 नवंबर को छात्रा ने शिक्षकों पर सीनियर से रैगिंग करवाने और कॉलेज प्राचार्या पर गाली देने के आरोप लगाकर डीसी राजीव रत्न को शिकायत की थी। लेकिन मामले की जांच करने के लिए डीसी के आदेश कभी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तो कभी किसी अन्य अधिकारी के पास इधर से उधर होते रहे थे।
इसके बाद प्रशासन ने सोमवार को नरवाना के एसडीएम भालसिंह बिश्नोई को आदेश दिए कि रैगिंग मामले की जांच की जाए। मंगलवार को एसडीएम कार्यक्रम अधिकारी को साथ लेकर कॉलेज पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
कॉलेज प्रबंधन ने जांच अधिकारियों को बताया कि कॉलेज पर छात्रा ने रैगिंग करवाने के जो आरोप लगाए हैं। वे पूरी तरह से निराधार हैं। कॉलेज में एक निश्चित समय के मुताबिक एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक होती रही हैं। इस बारे में भी विस्तार से बताया और जांच अधिकारी को वे दस्तावेज सौंपे, जिनमेें एंटी रैगिंग कमेटी की बैठकें समय-समय पर होती रही हैं।
जांच अधिकारी को यह भी बताया गया है कि छात्रा का दाखिला फिलहाल प्रोविजनल ही है। क्योंकि छात्रा ने अभी तक अपने बारहवीं कक्षा के माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा नहीं करवाए हैं। छात्रा को बार बार माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा करवाने के लिए कहा गया। लेकिन उसने सर्टिफिकेट जमा नहीं करवाए। जांच कमेटी को प्रबंधन की तरफ से छात्रों की सहपाठियों द्वारा छात्रा के खिलाफ लिखित में दिए गए दस्तावेज भी दिए गए। जिनमें एक छात्रा ने शिकायतकर्ता छात्रा पर चोरी के आरोप भी लगाए थे। छात्रा द्वारा लगातार कॉलेज से गैर हाजिर रहने के बारे में जांच कमेटी को अवगत कराया गया है।