पूंडरी। फल्गु मेले को अंतिम समय में गांव फरल एक तरह से पयर्टन केंद्र में रूप में तब्दील हो गया है। गांव के चारों ओर सजीं दुकानों, झूलों, जादूगर, सर्कल सहित अन्य शो के कारण श्रद्धालु 24 घंटे मेले का आनंद ले रहे हैं। तीर्थ स्थल से कुछ ही दूरी एवं गांव की गलियों सहित मुख्य सड़क के किनारे सजाए गए झूलों, सर्कस, जादूगर शो सहित अन्य मनोरंजन साधनों से पूरे मेले के आनंद को बढ़ा दिया है। श्रद्धालु रात भर गांव की गलियों से गुरजते हुए गांव की प्रत्येक गली में सजा दी गई दुकान से आवश्यक सामान खरीद रहे हैं। इसके साथ-साथ मनोरंजन के साधनों का भी जमकर लुत्फ उठाया जा रहा है।
मनचलों को सबक सिखाया
पूंडरी थाना प्रभारी डीएसपी अनिल कुमार, इंस्पेक्टर अशोक कुमार शनिवार रात्रि करीब बारह बजे तक भी मेले में मनचले युवकों से निपटते हुए नजर आए। विशेष रूप से सादी वर्दी में डंडाें के साथ तैनात पुलिस कर्मचारी मेले की व्यवस्था को बनाए रखने में काफी सहयोग दे रहे हैं। शनिवार रात्रि कई मनचलों एवं असामाजिक तत्वों को पुलिस कर्मचारियों ने खूब सबक सीखाया।
सत्संग, भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय
विश्व प्रसिद्ध फल्गू मेले में जहां विभिन्न धार्मिक संस्थाओं द्वारा सत्संग पंडालों, भजन-कीर्तन इत्यादि सुनने को मिल रहे हैं, वहीं भगवान शिव की महिमा का गायन करने वाले जंगम जोगी भी भगवान शिव के परिधानों में सजकर श्रद्धालुओं के सुखद भविष्य की कामना में शिव लहरी का गायन करते देखे जा सकते हैं। जंगम जोगियों का यह दल सुबह-शाम पूरी मेला परिधि की परिक्रमा करता है और शिव की महिमा करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाता है।
मानवता सबसे बड़ा धर्म : डीएसपी
डीएसपी अधीक्षक नृपजीत सिंह ने कहा कि फल्गू मेला परिधि में चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। श्री सनातन धर्म भारतीय महावीर दल पंजीकरण संख्या 270 के 200 स्वयं सेवकों ने भी अपनी मुफ्त सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। उप पुलिस अधीक्षक ने महावीर सेवादल के शिविर में जाकर ध्वजारोहण किया तथा स्वयं सेवकों को पूरी निष्ठा से जन सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि मानवता की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। निश्चित रूप से नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा कल्याणकारी साबित होती है।
ट्रेन में बैठने की जगह नहीं
ढांड एवं कुरूक्षेत्र की ओर जाने वाली ट्रेन में बैठने तक की जगह नहीं बची है। श्रद्धालु रविवार सांय तक लाखों की संख्या में फल्गू तीर्थ की ओर कूच कर चुके हैं। सुबह तक पांच से छह लाख तक श्रद्धालुओं के मुख्य स्नान में भाग लेने का अनुमान है।