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ड्रीम्स फिल्म के सदस्यों को पांच घंटे रोका

Karnal Updated Thu, 25 Oct 2012 12:00 PM IST
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यूनिवर्सिटी में ड्रीम्स फिल्म की शूटिंग के लिए आए कलाकारों और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों में बुधवार सुबह किसी रिकॉर्डिगिं की फुटेज को लेकर विवाद हो गया। इस कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने फिल्म के क्रू मेंबर्स को करीब पांच घंटे तक गेट पर रोके रखा। बाद में जब शूटिंग टीमके मेंबर्स ने लिखित में यह दिया कि उनके पास कोई फुटेज या यूनिवर्सिटी का कोई सामान नहीं है, तब मुख्य द्वार खोला गया। इस दौरान अमेरिका से आई टीम के सदस्य ने दीवार फांदने का भी प्रयास किया, जिसमें उसके हाथ पर खरोंच भी आई। यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने मौके पर पुलिस को भी बुला लिया था।
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गौरतलब हो कि एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में महिलाओं की समस्याओं पर बन रही अंतरराष्ट्रीय फिल्म ड्रीम्स की शूटिंग चल रही थी। बीते शनिवार को यूनिवर्सिटी के अधिकारियों एवं फिल्म के प्रोड्यूसर सहित सभी कलाकारों ने मीडिया से मुलाकात कर इस बारे में जानकारी दी थी। फिल्म की निर्देशक डा. हरबीन अरोड़ा के मंगलवार को ही यूनिवर्सिटी से चले जाने की जानकारी मिली है। इसके बाद बुधवार सुबह शूटिंग टीम में शामिल अन्य सदस्य भी जाने के लिए यूनिवर्सिटी के गेट पर पहुंचे। लेकिन यूनिवर्सिटी कर्मचारियों ने मुख्य द्वार नहीं खोला। इसके बाद यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने मौके पर पुलिस को भी बुलाया। अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें आशंका है कि शूटिंग में शामिल लोग यूनिवर्सिटी से आवश्यक फुटेज को लेकर जा रहे हैं। करीब पांच घंटे तक दोनों पक्षों की बातचीत जारी रही। इसके बाद यूनिवर्सिटी अधिकारियों की ओर से यह लिखवाया गया कि जाने वाले सभी टीम सदस्यों के पास कोई फुटेज या अन्य रिकॉर्डिगिं नहीं हैं। जिस पर टीम के मौजूदा सभी सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। तब जाकर करीब डेढ़ बजे सभी सदस्यों को दो गाडि़यों में यूनिवर्सिटी से बाहर जाने दिया गया। टीम में शामिल डैप्रिस ब्रेसिया ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें सुबह आठ बजकर 30 मिनट से लेकर करीब डेढ़ बजे तक यूनिवर्सिटी के गेट पर रोका गया। यह आरोप लगाते हुए कि उनके पास फुटेज हैं। जबकि उनके पास कोई फुटेज नहीं हैं। हमने पूरा रिकार्ड यूनिवर्सिटी को दे दिया है। ब्रेसिया ने गेट खुलते ही धरती को नमन कर जश्न भी मनाया। उसने बताया कि दीवार फांदने का प्रयास करने पर उसके हाथ में खरोंच भी आई है।
उधर इस संबंध में प्रयास करने के बावजूद यूनिवर्सिटी के वीसी सुरेश सचदेव से बातचीत नहीं हो पाई। यूनिवर्सिटी की ओर से मीडिया से संपर्क करने वाले धर्मप्रकाश ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी का आंतरिक मामला है।
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क्योड़क चौकी प्रभारी शिव कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी से ने उन्हें बुलाया गया था कि कुछ विवाद हो गया है। जिस पर वे वहां गए थे। उन्होंने बताया कि बाहर से आए कलाकारों एवं यूनिवर्सिटी अधिकारियों में फुटेज के रिकार्ड को लेकर मतभेद था। जिसमें जब यह सुनिश्चित हो गया कि उनके पास कोई रिकार्ड नहीं है, इसके बाद कलाकारों को जाने दिया गया। कलाकारों ने इसके लिए लिखित में दिया कि उनके पास कोई रिकार्ड नहीं हैं।
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