करनाल। करनाल जिले में करीब 25 हेक्टेयर (ढाई लाख स्केयर मीटर) वन भूमि पर प्रभावशाली लोगों ने कब्जा कर लिया है। यहां तक की हुडा ने भी आरक्षित वन क्षेत्र पर कब्जा कर सेक्टर-8 और 9 पार्ट-2 काट दिया। बिना अनुमति काटे गए इस सेक्टर में वन विभाग की जमीन पर आलीशान कोठियां बन चुकी हैं। अब यहां से कब्जा छुड़ाना भी वन विभाग के लिए असंभव हो गया है। यही कारण है कि 2001 में सामने आए इन कब्जों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट राजेश शर्मा द्वारा विभाग से मांगी गई जानकारी में हुआ है।
उन्होंने 25 जून 2011 को वन विभाग से सूचना मांगी थी कि जिले में कितनी वन भूमि पर लोगों का कब्जा है, इनकी सूची दी जाए। राज्य सूचना अधिकारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक हरियाणा ने जो सूचना दी है, उसमें बताया गया है कि वर्ष 2001 से लेकर अब तक 171 लोगों ने वन भूमि पर कब्जा किया है और बार-बार नोटिस देने के बाद भी वे जमीन खाली नहीं कर रहे।
फ्लाप हो रहा पौधरोपण अभियान
आरटीआई में बताया गया है कि जिले में विभाग की 25 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण है। आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ है कि सरकारी विभाग भी वन भूमि पर कब्जा करने में पीछे नहीं हैं। शर्मा का कहना है कि कार्रवाई में देरी की वजह से हर साल वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए छेड़ा जा रहा पौधरोपण अभियान फ्लाप हो रहा है। क्योंकि वन भूमि पर लगातार कब्जे हो रहे हैं। यदि यह क्षेत्र कब्जों से मुक्त हो वहां पेड़-पौधे लहलहाएंगे। नेशनल हाईवे एक से लेकर स्टेट हाईवे तक इसकी चपेट में हैं। सड़कें संकरी हो गई हैं और उनके पास वन विभाग की खाली जमीन पर कब्जा होने की वजह से वहां पौधरोपण नहीं हो पा रहा।
वन भूमि पर काट दी मार्केट
आरटीआई में यह भी खुलासा हुआ है कि एशिया की सबसे बड़ी मार्केट मुगल कैनाल की जमीन भी वन विभाग की है और नगर सुधार मंडल ने गलत तरीके से जमीन पर मार्केट काट दी है। यह भूमि आरक्षित वन क्षेत्र है और यहां वाणिक कार्य नहीं हो सकते, जिस स्थान पर पेड़-पौधे होने चाहिए थे, वहां आलीशान शोरूम बन चुके हैं। अब वन विभाग कब्जे छुड़ाने में असमर्थ है। वन विभाग के रिकॉर्ड में कई नामचीन कंपनियों का भी नाम है। शहर की एक प्रसिद्ध जूता कंपनी समेत कई ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर रखा है। बार-बार नोटिस देने के बाद भी कंपनियां वन विभाग की जमीन खाली नहीं कर रहीं।
पर्यावरण कोर्ट में पेश किया है चालान
पर्यावरण कोर्ट में सभी के खिलाफ चालान पेश कर दिया गया है। जुर्माने की कार्रवाई के लिए लिखा गया है। बार-बार नोटिस के बाद भी जमीन खाली नहीं की जा रही, इससे पर्यावरण को खतरा हो रहा है। पेनल्टी के बाद भी जमीन खाली नहीं करेंगे तो दोबारा कार्रवाई करेंगे।
नवदीप सिंह हुड्डा, डीएफओ करनाल