कैथल। जिला टाउन व कंट्री प्लानिंग विभाग की ओर से वीरवार को राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर विस्तारित 45 मीटर की भूमि और इससे आगे 100 मीटर तक ग्रीन बेल्ट के लिए सर्वे किया गया। करनाल रोड बाईपास चौक से लेकर एनडी राइस मिल तक विस्तारित राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रीन बेल्ट के लिए 145 मीटर अंदर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए फिलहाल सर्वे शुरू किया गया है।
ग्रीन बेल्ट का एरिया
विभागीय सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 के क्षेत्र को सड़क के वर्तमान चौड़ाई से 45 मीटर तक बढ़ाया गया है। इसके अलावा इस 45 मीटर से आगे करीब 100 मीटर तक ग्रीन बेल्ट का एरिया आता है। इन्हीं दोनों के लिए जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह अधिग्रहण हो पाएगा भी या नहीं लेकिन विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है।
वीरवार को सर्वे
डीटीपी कार्यालय की एक टीम ने वीरवार को सर्वे किया। इसमें मुख्य मार्ग से 145 मीटर अंदर तक बने हुए घरों, प्रतिष्ठानों, पक्के और कच्चे निर्माण, खाली पड़े प्लाटों को लेकर सर्वे किया। इस सर्वे की रिपोर्ट को विभाग को भेजा जाएगा। इसके बाद ही अधिग्रहण होने या न होने के बारे में फैसला हो सकेगा। सर्वे टीम में विभाग के दो कार्यकारी अभियंता, फोटोग्राफर समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार करनाल रोड बाईपास चौक से लेकर जींद की ओर जाते समय एनडी राइस मिल तक यह सर्वे होना है। इसके तहत मुख्य मार्ग के साथ-साथ 145 मीटर अंदर तक विस्तारित मार्ग और ग्रीन बेल्ट का क्षेत्र आता है।
जिला परिषद भवन भी जद में
इस क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में घर, प्रतिष्ठान और अन्य निर्माण कार्य हो चुके हैं। इस कारण सर्वे के बाद अधिग्रहण हो पाएगा या नहीं, अभी इस बारे में कोई कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जिला परिषद भवन का करीब 75 फुट का क्षेत्र भी ग्रीन बेल्ट में आता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला परिषद भवन के आस-पास कितनी संख्या में हो चुके निर्माण ग्रीन बेल्ट एवं विस्तारित मार्ग की जद में आ सकते हैं।
अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस क्षेत्र का फिलहाल सर्वे हो रहा है। करीब 145 मीटर तक इस भूमि का अधिग्रहण होगा या नहीं, वे अभी इस बारे में कुछ नहीं बता सकते। इसमें पुराने निर्माण कार्य छूट भी सकते हैं। यदि अधिग्रहण होता भी है तो विभाग की नई पॉलिसी के अनुसार जमीन के मालिक को पार्टनरशिप देते हुए अधिग्रहण होगा।