एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

अब इलाज न करनेवाले डॉक्टरों पर होगा केस

Karnal Updated Mon, 29 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

कैथल। केंद्र सरकार की ओर से दामिनी दुराचार मामले के बाद बनाए नए कानून में कई कड़े प्रावधान किए गए हैं। इसके तहत अपराध पीड़ित महिला का सरकारी या निजी अस्पताल में इलाज से मना किए जाने पर अब डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज होगा। यह जानकारी हरियाणा पुलिस अकादमी के डायरेक्टर और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शील मधु ने लघु सचिवालय में स्थित सभागार में कैथल जिला के पुलिस जांच अधिकारियों को दी। इस कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य 2 अप्रैल को कानून का रूप धारण करने वाले जस्टिस वर्मा आयोग की सिफारिशों पर लागू हुए अध्यादेश के बारे में अनुसंधान अधिकारियों को जानकारी देना था। शील मधु ने बताया कि यदि कोई पुलिस अधिकारी शिकायत दर्ज करने से इंकार करता है या कानून के तहत प्रतिबंधित व्यक्तियों को पुलिस थाने में पूछताछ के लिए बुलाता है, उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यशाला में एडीजीपी शील मधु के अलावा पुलिस अधिकारी शशिकांत शर्मा, एसपी कैथल कुलदीप सिंह यादव, डीएसपी सतीश कुमार, अनिल कुमार, टेकनराज शर्मा सहित कई आला पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

कानून में नए प्रावधान
1. नए एक्ट में कोई भी डॉक्टर पुलिस या कानूनी कार्रवाई के नाम पर इलाज से इंकार नहीं कर सकता।
2. शिकायत दर्ज न करने वाले अधिकारी के खिलाफ संगीन अपराध की श्रेणी में रखते हुए 166ए के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।
3. रेप के मामलों में आजीवन कारावास से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है।
4. बच्चों और मानव की मजदूरी या यौन शोषण के लिए तस्करी में भी केस दर्ज हो सकता है।
5. एसिड फेंक कर महिलाओं के शरीर को नुकसान पहुंचाने पर केस दर्ज किया जाएगा और एसिड फेंकते समय पीड़ित के बचाव में आत्मरक्षा के लिए प्रयासों का विस्तार सामने वाले की मौत तक कर दिया गया है।
विज्ञापन

6. छेड़छाड़, यौन मुद्राएं व अश्लील चित्र दिखाना, यौन की मांग, निर्वस्त्र करना, अश्लील एमएमएस बनाना, फोटो लेना व ट्रायल रूम में कैमरे लगाकर रिकॉर्डिंग करने, जबरन ई-मेल, फेसबुक या अन्य माध्यमों से पीछा किए जाने पर मामला दर्ज किया जाएगा।
7. बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए तुरंत मामला दर्ज किए जाने
8. 376 ए एवं 376 डी के तहत दर्ज मामले में मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है।
9. महिला, बच्चों, 65 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों और किसी भी प्रकार के अपंग व्यक्ति को पूछताछ के लिए थाने में बुलाए जाने पर प्रतिबंध।
10. यौन शोषण की शिकार महिलाओं की शिकायत महिला अधिकारी ही दर्ज करेंगी।

‘पूरे हरियाणा के जांच अधिकारियों को एक जगह बुलाकर कानून के नए प्रावधान की जानकारी देना संभव नहीं था। सामान्य रूप से कानून की जानकारी जांच अधिकारी तक पहुंचते-पहुंचते लंबा समय लग जाता है। ऐसे में सभी जिलों में जाकर 3 अप्रैल को बने नए कानून की जानकारी दी जा रही है। अभी तक प्रदेश के आधे जिलों में यह कार्यक्रम आयोजित हो चुका है।
- शील मधु, निदेशक, पुलिस अकादमी व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक

‘यह पुलिस की सराहनीय पहल है। इससे जिले के सभी जांच अधिकारियों को महिला और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में कार्रवाई के लिए नए प्रावधानों के बारे में जानकारी मिली है। इससे जनता को सीधा फायदा पहुंचेगा।’
- कुलदीप सिंह, एसपी
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें