कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के इतिहास में पहली बार दो पदाधिकारियों की सदस्यता रद्द की गई। सदस्यता रद होने वाले दो लोगों में कुंटिया की एकमात्र महिला पदाधिकारी रजवंत कौर और दूसरे पदाधिकारी मनजीत सिंह सैनी शामिल हैं। रजवंत कौर कुंटिया की आमसभा में लिए गए निर्णय को गैर संविधानिक और लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ बता रही हैं। रजवंत कौर ने कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह और महासचिव सुनील कक्कड़ पर भी गंभीर आरोप जड़ते हुए कहा कि इन्होंने आमसभा में उन्हें बोलने का मौका तक नहीं दिया और उनके खिलाफ प्रस्ताव पारित करके कुंटिया की सदस्यता रद्दकरने का फरमान जारी कर दिया। हालांकि कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह का कहना है कि आमसभा में जो भी कार्रवाई हुई वह वैधानिक ढंग से हुई है। बाकायदा दोनों की सदस्यता को रद्द करने से पहले आमसभा में मौका दिया था, लेकिन प्रस्ताव पारित होने के बाद ही इन्होंने अपना पक्ष रखना चाहा, लेकिन तब तक प्रस्ताव पारित हो चुका था, जिसके बाद किसी को बोलने का अधिकार नहीं बचता। गौरतलब है कि केयू का गैर शिक्षक कर्मचारी संगठन (कुंटिया) की नींव 1976 में पड़ी थी। कुंटिया ने अपनी एकता के दम पर अनेक बार संघर्ष करते हुए अपनी मांगों को मनवाया। कुंटिया के पहले अध्यक्ष ओपी कपूर से लेकर वर्तमान अध्यक्ष मान सिंह तक सिर्फ चार अध्यक्ष रहे और इनमें सबसे ज्यादा समय 16 साल तक बाबराम गुप्ता उनके बाद 12 वर्ष कर्ण सिंह और छह बार मान सिंह कुंटिया के अध्यक्ष चुने गए। हालांकि डेढ़ दशक पहले तीन चार सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई तो हुई। लेकिन प्रेस सचिव और सह सचिव की सदस्यता रद करने की कार्रवाई कुंटिया के इतिहास में पहली बार हुई है।
आडिटोरियम में बुलाई थी आमसभा
केयू के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ की आम सभा का आयोजन कुंटिया प्रधान मान सिंह की अध्यक्षता में किया। केयू के आडिटोरियम हाल में आयोजित इस आमसभा में कुंटिया महासचिव सुनील कक्कड़ ने संगठन की संयुक्त सचिव रजवंत कौर द्वारा टेलीफोन पर दी गई भद्दी गालियां एवं उन्हें व उनके परिवार को जान से मारने की दी गई धमकी को आम सभा में रखा गया। आमसभा में उपस्थित सदस्यों ने इस घटनाक्रम की घोर निंदा की।
आमसभा में पास हुए ये प्रस्ताव
आम सभा में सर्व सम्मति से कई विशेष प्रस्ताव भी पास किए। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा 9 सितंबर को विधानसभा कूच में बढ़चढ़ कर भाग लेंगे और 11 सितंबर को हरियाणा मिनिस्टीरियल स्टाफ के आह्वान पर कुंटिया की मांगों को जोड़ते हुए सामूहिक अवकाश का निर्णय भी लिया। जून 2013 से कुंटिया सदस्यों के वेतन से 10 रुपये काटे जाएंगे। इसके अतिरिक्त अगर से कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाएगा। जो कर्मचारी यह सदस्यता शुल्क नहीं देगा, वह कुंटिया का सदस्य नहीं रहेगा। मनजीत सिंह सैनी और रजवंत कौर को कुंटिया विरोधी गतिविधियों और कुंटिया के संविधान का बार-बार उल्लंघन करने बारे और कुंटिया के सदस्य शुल्क को वेतन से न कटवाने को रुकवाने पर उनकी कुंटिया सदस्यता दो वर्षो के लिए रद कर दी गई है। ये भी फैसला लिया गया है कि भविष्य में यदि कोई भी कर्मचारी कुंटिया संविधान का उल्लंघन करेगा। उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर कुंटिया अध्यक्ष मान सिंह के अलावा वरिष्ठ उपाध्यक्ष कोलीराम,महासचिव सुनील कक्कड़, उपाध्यक्ष चंदन सिंह, कोषाध्यक्ष विजय शर्मा, प्रेस प्रवक्ता अमित कुमार, जयपाल सैनी, विक्रम सिंह,अजय शर्मा, सतीश राणा, राजबीर सिंह,दीपक जोशी,गुरमेल संधू,हूबलाल, अरुण शर्मा,दरबार सिंह, दीपक शर्मा, नीलकंठ शर्मा, महेंद्र सिंह, बलजीत सिंह, रामकरण शर्मा, हरीश गैरोला, विजय गौड़, सुरेंद्र मलिक, शशि शर्मा, कमला और संतोष ने शिरकत की।