पलवल। पिछले डेढ़ माह में असावटी-होडल रेलवे ट्रैक पर मरने वालों को ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। एक अगस्त से 17 सितंबर तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके रेल प्रशासन इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। असावटी-होडल रेल खंड पर ट्रैक पर आए दिन ट्रेन से कटा शव मिल जाता है। पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या कम नहीं है। जीआरपी से मिले आंकड़ों के अनुसार अगस्त माह में 16 व सितंबर माह में अब तक असावटी-होडल के मध्य 14 लोगों की जान जा चुकी है। रेलवे से होने वाली दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ने पर कई वर्ष पूर्व रेलवे लाइन के दोनों तरफ रेलिंग लगाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन आज तक यह योजना अधूरी पड़ी हुई है। जिसके चलते गैर कानूनी तरीके से लोग रेलवे लाइन क्रास करते हैं और हादसे के शिकार हो जाते हैं।
हादसे दर हादसे
14 लोग सितंबर में ट्रेन की टक्कर से मारे गए (17 सितंबर)
16 लोग अगस्त माह में हुए ट्रेन हादसे का शिकार
12 लोग जुलाई में मारे गए
कोट:1
रेलवे इस मामले को लेकर गंभीर है और दुर्घटनाएं रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर लोगों की सहूलियत के लिए दूसरे पुल का भी जल्द निर्माण कराया जाएगा। इसकी मंजूरी के लिए रेलवे के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा हुआ है।
-केबी मीणा, रेलवे स्टेशन मास्टर
कोट:2
लोगों ने आत्महत्या के लिए रेलवे लाइन को अपना मुख्य बिंदु बनाया हुआ है। कई बार बिना सिग्नल देखे लोग रेलवे लाइन पार करने लगते हैं और अक्सर ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं।
सतीश कुमार, जीआरपी चौकी इंचार्ज
कहां-कहां मिलते हैं शव
रेलवे कालोनी, कृष्णा कालोनी, इस्लामाबाद, शमशाबाद, रसूलपुर व किठवाड़ी रेलवे क्रॉसिंग के पास शव मिल जाते हैं।
सुरक्षा में ही बचाव
आबादी वाले क्षेत्र में रेलवे लाइन के दोनों तरफ ऊंची दीवार बनाई जाए
स्टेशन से रेलवे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए पूर्व व पश्चिम की तरफ केवल दो दरवाजे होने चाहिए
रेलवे लाइन को पैदल क्रास न करें, चलती ट्रेन में न चढ़ें और न उतरें
कानों पर मोबाइल फोन की लीड लगाकर रेलवे लाइन के नजदीक न आएं
पैदल रेलवे लाइन पैदल पार करने वालों के चालान काटे जाऐं