हथीन। उपमंडल से दो किलोमीटर दूर स्थित गांव स्वामीका में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वामी दयाल बाबा के नाम से नवंबर माह में मेले का आयोजन किया जाता है। मेले के पहले व दूसरे दिन दूरदराज से आए लोगों ने स्वामी दयाल बाबा मंदिर पर जाकर पूजा अर्चना की। मंदिर में लोगों ने मन्नतें मांगी । इस अवसर पर भारी संख्या में पहुंचे महिलाओं, बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। मेले में मिठाइयां, चूड़ियों की दुकानें, खिलौनों की स्टाल, चाट-पकौड़ी व अन्य सामनों की दुकानों सजी हुई थीं। यहां आने वाला हर व्यक्ति पहले स्वामी दयाल बाबा की प्रतिमा के दर्शन करता है, बाद में मेले का आनंद लेता है।
इस अवसर पर नवविवाहित जोड़ों की संख्या भी अधिक थी। लोगों में धारणा है कि शादी के बाद जो भी नवविवाहिता जोड़ा स्वामी दयाल बाबा की प्रतिमा के दर्शन करता है उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर लोगाें ने अपने बच्चों की लटुरियां भी उतरवाई। मेले में लोगों ने खरीददारी के साथ-साथ झूलों का आनंद उठाया।
पार्किंग व्यवस्था नहीं
हालांकि, मेले में पार्किंग व्यवस्था का अभाव साफ नजर आ रहा था। इसके कारण लोग मेले अपने में वाहनों को लेकर पहुंचे, इसके इस कारण दर्शकों को कुछ परेशानियां झेलनी पड़ी।
सबसे बड़ी कुश्ती में गूंगा पहलवान गरजा
कौंडल गांव हुए दंगल में कई पहलवानों ने की जोर आजमाइश
हथीन। बाबा स्वामी दयाल मेले के दौरान गांव कौंडल में दंगल का आयोजन किया जिसमें सबसे बड़ी कुश्ती 21 हजार रुपये इनाम की थी। यह कुश्ती गूंगा पहलवान के नाम रही। गूंगा पहलवान ने मनीष पहलवान को चित कर कुश्ती जीती। दंगल में दूर दराज से आए अन्य पहलवानों ने अखाड़े में खूब हाथ दिखाए। इस अवसर पर पलवल के पुलिस अधीक्षक जगत सिंह हुड्डा मुख्य अतिथि के रूम में मौजूद थे। उन्होंने अखाड़े में जाकर पहलवानों से हाथ मिलाया और उनकी हौसला अफजाई की।
दंगल का आयोजन ग्रामीण विकास कमेटी की तरफ किया जाता है। बुधवार को हुए दंगल में गांव के देबू पहलवान ने 5100 रुपये की कुश्ती अपने नाम की। उन्होंने कोसी के पहलवान को हराया। उटावड के नासिर पहलवान ने 5100 रुपये इनाम की कुश्ती जीती उन्होंने पलवल के खलीफा पहलवान को चंद मिनटों में ही पछाड़ दिया। 11 हजार रुपये की इनामी की कुश्ती ताज पहलवान के नाम रही। उन्होंने राहुल मान को चित कर दिया। पहलवान प्रवीण दिल्ली, शहजाद, नरेश ने अखाड़े में अपना कौशल दिखाया। इस अवसर पर 500 रुपये से लेकर 1100, 2100, 3100, पांच हजार, 11 हजार की दर्जनों कुश्तियां कराई। दंगल में विश्वेंद्र उर्फ भालू, युवा बसपा नेता राकेश देशवाल, अखिल भारतीय खेत किसान मजदूर के प्रांतीय कार्यकारी प्रधान महीपाल बंधु, भूप सिंह कटारिया व संदीप तेवतिया ने भी अखाड़े में जाकर पहलवानों का हौसला बढ़ाया।