पलवल। यमुना नदी में बाढ़ का बहाव कम होने से स्थिति सामान्य होने लगी है। गांव महाबलीपुर व इंदिरानगर में जलस्तर तेजी से घट रहा है, जिसके चलते अब इन गांवों में बाढ़ का खतरा कम हो गया है। लोग भी शिविरों से ट्रैक्टर में अपना सामान लेकर घरों की तरफ लौटने लगे हैं। दूसरी ओर बाढ़ के कारण खादर के गांवों की सड़कें टूट गई हैं। महाबलीपुर, इंदिरानगर, थंथरी, प्रहलादपुर सहित दर्जनों गावों के रास्तों में पानी भर गया हैं। इसके अलावा बाढ़ ने सब्जियों के साथ-साथ चारे की फसल भी पूरी तरह नष्ट कर दी है। वहीं, गेहूं के भूसा से भरे बौंगे भी पानी में डूबने से खराब हो गए। जहां फसल बोई गई थी, वहां पानी के साथ-साथ मिट्टी भी जमा हो गई है। गांव माहौली में कटाव होने से दरार पड़ गई है। यमुना का पानी उतरने के बाद भी अब किसानों द्वारा फसल बोए जाने की संभावना कम है।
सब्जी की फसल यमुना में बही, भाव बढ़े
यमुना नदी में आए पानी का उफान तो कम होने लगा है लेकिन सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। सब्जियों की फसल पूरी तरह से बाढ़ में बर्बाद हो चुकी है। बाढ़ के चलते दूसरे प्रदेशों से आने वाली सब्जियों के दाम उछाल मार रहे हैं। सब्जी की बढ़ी कीमतों ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।
खेतों में फंसे 17 लोगों को निकाला
डीसी अतुल कुमार ने बताया कि शुक्रवार की शाम मेजर गगनदीप के नेतृत्व में सेना के जवानों ने गांव माहौली में बाढ़ से प्रभावित 17 लोगों को निकालकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उनकी देखभाल के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उन्होंने बताया कि माहौली के खेतों में ये लोग घर बनाकर रह रहे थे। बाढ़ के पानी ने इन्हें घेर लिया। प्रशासन को इसकी जानकारी मिलते ही सेना की सहायता से उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया। डीसी ने इन लोगों में बुजर्ग, महिलाओं और बच्चों के शामिल होने की जानकारी दी।