पंचकूला। शहर के समाजसेवी और रिटायर्ड विंग कमांडर एचएल रत्ता का सोमवार को निधन हो गया। वह 72 वर्ष के थे और मोहाली स्थित आईवीवाई अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से पूरे पंचकूला में शोक की लहर है।
सेक्टर 12 स्थित हाउस नंबर 704 में रहने वाले रत्ता का पूरा परिवार देश सेवा के लिए समर्पित है। उनका बेटा नीरज गुलेरिया भारतीय फौज में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात हैं, जबकि दामाद दीपक गुलेरिया कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। रत्ता की 1963 में आईएएफ में पायलट आफिसर के तौर पर नियुक्ति हुई थी। उसके बाद 1965 में भारत-पाक युद्ध में उन्होंने हिस्सा लिया और दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। 1971 में बांग्लादेश युद्ध के दौरान सरकार की ओर से उन्हें चीफ आपरेशन आफिसर नियुक्त किया गया। वहीं पंजाब में आपरेशन ब्लू स्टार के दौरान उनको तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञान जैल सिंह के सीनियर लाइजनिंग आफिसर के तौर पर नियुक्त किया गया।
एयरफोर्स से रिटायर होने के बाद वे सामाजिक कार्यों में जुट गए। उन्होंने आरडब्ल्यूए, सीनियर सिटीजन काउंसिल पंचकूला, पंचकूला रेजिडेंट वेलफेयर काउंसिल, पंचकूला नगर सुधार सभा, पंचकूला कंज्यूमर फोरम, नेशनल हैंडीकैप काउंसिल, एयरफोर्स एसोसिएशन सहित इंडियन एक्स सर्विस लीग के विभिन्न पदों पर रहते हुए असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा की। उनके कार्यों को देखते हुए हरियाणा और पंजाब सरकार की ओर से उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया।