पंचकूला। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शनिवार को करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर 17 में नवनिर्मित अक्षय ऊर्जा भवन का उद्घाटन किया। यह अक्षय ऊर्जा विभाग और हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (हरेडा) का नया कार्यालय भी होगा। भवन को एसोसिएशन फॉर डेवलपमेंट एंड रिसर्च ऑन सैसटेनेबल हैबीटैट्स (एडीएआरएसएच) नई दिल्ली की ओर से ‘एकीकृत सौर निष्क्रिय सुविधाओं का अनुकरणीय प्रदर्शन’ के लिए पुरस्कृत किया गया है। यह भवन ऊर्जा दक्षता डिजाइन और ग्रीन बिल्डिंग्स की अवधारणाओं को प्रदर्शित करता है।
यह भवन देश में अपनी तरह का पहला भवन है, जिसका निर्माण ऊर्जा संरक्षण भवन कोड्स (ईसीबीसी) और भारत सरकार के ग्रीन बिल्डिंग्स की एकीकृत वास मूल्यांकन (जीआरआईएचए) रेटिंग प्रणाली के पांच सितारा रेटिंग के अनुरूप किया गया है। इस भवन में 42.5 किलोवाट समेकित फोटोवोल्टिक क्षमता है। इसका निर्माण सौर चिमनी, वाष्पीकरणीय कूलिंग, कैविटी वॉलस, राख आधारित ईंट, सौर जल तापन प्रणाली, वाटर रिसाइकिलिंग और ऊर्जा दक्षता प्रकाश की सौर निष्क्रिय डिजाइन तकनीकों पर किया गया है।
भवन में लगभग 35 प्र्रतिशत गर्मी छत से प्रवेश करेगी, क्योंकि भवन की छत को थर्मोटेक टाइलों से बनाया गया है, जो भवन में गर्मी के प्रवेश को रोकेगी। भवन में सभी खिड़कियां दोहरे शीशे की बनाई गई हैं, जो दक्षिण दिशा में खुलती हैं, ताकि दिन के समय अधिक से अधिक प्रकाश आए और ताप बिजली का कम से कम खर्च हो। भवन में मानसून की पहली बारिश के बाद नगरपालिका जलापूर्ति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि भवन की लागत में भवन में स्थापित अक्षय ऊर्जा उपकरणों की लागत भी शामिल है। इस भवन में एक प्रदर्शनी क्षेत्र भी बनाया गया है, जहां अक्षय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता उपकरणों को प्रदर्शित किया जाएगा और परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस भवन में कार्यालय के लिए सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। इस अवसर पर विधायक डीके बंसल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार प्रो. वरिंदर सिंह, पूर्व विधायक सतिंदर राणा, अक्षय ऊर्जा विभाग के महानिदेशक अरुण कुमार, हरियाणा अक्षय ऊर्जा के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. हरबख्श सिंह, हरियाणा महिला एवं बाल विकास की महानिदेशक सुमिता मिश्रा, पंचकूला की उपायुक्त आशिमा बराड़ सहित कई लोग मौजूद रहे।