पंचकूला। ज्योति हत्याकांड में मुख्य आरोपी विधायक राम कुमार चौधरी की ओर से संपत्ति की जनरल पॉवर आफ अटॉर्नी (जीपीए) अपनी पत्नी के नाम करवाने की डाली गई अर्जी वीरवार को अदालत ने मंजूर कर ली। अदालत ने अंबाला जेल अथॉरिटी को आदेश देते हुए कहा कि चौधरी को किसी भी वर्किंग डे को अंबाला तहसील में लेकर जाएं और उसी दिन जीपीए ट्रांसफर की कार्रवाई पूरी कर वापस अंबाला जे जाएं। अब अंबाला जेल अथॉरिटी तहसीलदार और चौधरी की पत्नी से संपर्क साधकर जीपीए ट्रांसफर करा सकेंगे। अदालत ने इस दौरान पूरी सतर्कता और सुरक्षा बरतने के भी निर्देश दिए।
राम कुमार चौधरी ने अदालत में अर्जी दाखिल कर कहा था कि जेल में होने के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। अधिकतर कामों में उनका हस्ताक्षर अहम है। इसलिए वे अपनी जीपीए पत्नी के नाम करना चाहते हैं। पुलिस ने पहले कहा था कि यदि राम कुमार चौधरी को बद्दी ले जाया गया तो वे वहां से भाग सकते हैं। उसके बाद चौधरी ने कहा कि तहसीलदार को अंबाला जेल ले आया जाया या फिर उन्हें अंबाला तहसील ले जाने की इजाजत दी जाए। अदालत ने फिर से पुलिस को नोटिस देकर तहसीलदार से इस बारे में बात कर जवाब देने को कहा था। जवाब में कहा गया कि जीपीए ट्रांसफर के दौरान तहसीलदार अंबाला जेल नहीं आ सकते। चौधरी को ही अंबाला की तहसील में आना होगा। चौधरी के एडवोकेट अमनदीप बिंद्रा ने बताया कि अब जेल अथॉरिटी की जिम्मेदारी है कि वे विधायक चौधरी को किसी वर्किंग डे में अंबाला तहसील लेकर जाएं। जेल अथॉरिटी को इसके लिए उनकी पत्नी से भी संपर्क साधना होगा।