पंचकूला। नवरात्र के चैलेंज को पूरा करने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। दिन-रात की ड्यूटी के बाद माता मनसा देवी का मेला सफल रहा। पुलिस ने जहां सुरक्षा को व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा। वहीं, मुख्य मेला अधिकारी ने भी देर रात तक मंदिर में रहकर मेले की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
मनसा देवी थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी पूरे नवरात्र मेले के दौरान घर तक नहीं गए। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में करीब 800 पुलिसकर्मी तैनात थे। अन्य जिलों से आए पुलिसकर्मियों के लिए मंदिर में ही पुलिस लाइन स्थापित की गई थी। अब जब मेला पूर्ण हो गया और चैलेंज में जुटे अधिकारियों को फुर्सत के पल मिले, तो उन्होंने अमर उजाला के साथ इस मेले का अनुभव साझा किया।
कोट
माता की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से मेला सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इतने बड़े आयोजन में कुछ कमियां रह जाती हैं, लेकिन हर बार श्रद्धालुओं को कुछ नई सुविधाएं देने के लिए बोर्ड और प्रशासन प्रयास करता है। अगले मेले में कुछ और नया करने की कोशिश रहेगी।
-आशिमा बराड़, डीसी एवं मुख्य प्रशासक, माता मनसा देवी पूजा स्थल बोर्ड
सेवा है, ऐसे मौके सभी को नहीं मिलते
माता मनसा देवी मेले में ड्यूटी देना चुनौतीपूर्ण है। यह तो सेवा है और ऐसे मौके सभी को नहीं मिलते। पुलिस के सहयोग से सब ठीक-ठाक रहा। भविष्य में और बेहतर प्लॉनिंग के साथ काम किया जाएगा। इतने बड़े आयोजन में हर बार कुछ नया सीखने को मिलता है। मेले के सफल आयोजन पर काफी राहत मिली है।
-वंदना दिसोदिया, सीटीएम एवं मुख्य मेला अधिकारी
भक्तों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता थी
मेरे लिए बहुत बड़ी परीक्षा थी। चैलेंज बड़ा था, लेकिन आला अधिकारियों की देखरेख और अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से सफलतापूर्वक संपन्न हुए इस आयोजन के बाद बहुत खुशी है। भक्तों की सुरक्षा और उनमें सुरक्षा की भावना उत्पन्न करना पहली प्राथमिकता थी।
-दिनेश चौहान, थाना प्रभारी, एमडीसी
तीन महीने पहले शुरू कर दी थी तैयारी
मनसा देवी मंदिर परिसर में भक्तों के प्रसाद के लिए तीन महीने पहले तैयारी करनी पड़ती है। मेरी कोशिश रहती है कि माता के दरबार में आने वाला कोई भी भक्त भूखा न रहे। दिन-रात माता का भंडारा चलता है।
-नारायण बहल, माता मनसा देवी धमार्थ ट्रस्ट