पानीपत। एसएसपी साहब जिले में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध करने का दावा तो कर रहे हैं, पर शहरवासी पुलिस के प्रबंधों से खुश नहीं हैं और इसे केवल मात्र दिखावा और वाहनों के चालान काटने तक ही सीमित मान रहे हैं। लूट और हत्या की लगातार हो रही वारदातों के बाद अमर उजाला टीम सुरक्षा प्रबंधों को जानने के लिए शहर के उद्योगपतियों, व्यापारियों और लूट की वारदातों के पीड़ित के बीच पहुंची। अमर उजाला ने इन सबसे से सुरक्षा व्यवस्था को जाना। लोगों की जुबान से पुलिस सुरक्षा के प्रबंधों की रिपोर्ट।
सुरक्षा की पोल लोगों की जुबानी
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मेरे साथ सोमवार को पुलिस के सामने ही 12.67 लाख रुपये की लूट हुई थी और लुटेरे आसानी से पीसीआर के पास से निकल गए। मैं आज भी वह पल याद कर घबरा जाता हूं। हमारी पुलिस इतनी वारदात होने के बाद भी सजग नहीं है। शहर की हालात जैसे की तैसी है। पुलिस अधिकारी लूट की वारदातों का खुलासा जल्द ही करने का दावा कर टाल देते हैं। मैं उसी दिन से पुलिस के चक्कर काट रहा हूं।
उपकार सिंह, निवासी ऋषि कालोनी एवं लूट का पीड़ित
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मेरे साथ 5 दिसंबर 2011 को नारायण सिंह पार्क स्थित मोबाइल पैलेस से गन प्वाइंट पर लूट हुई थी। लुटेरे 30 हजार की नगदी, छह मोबाइल, मेमोरी कार्ड और बैटरी ले गए थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात को सुलझाने का दावा किया था। मेरे को लूट के दो हजार रुपये और दो मोबाइल ही मिले हैं। शहर में पुलिस सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं है। मैं अब डरते हुए शाम को पहले दुकान बंद कर घर चला जाता हूं। इससे मेरी आय पर असर पड़ रहा है, लेकिन माहौल को देखते हुए यह सब करना पड़ता है। पुलिस अधिकारी सुरक्षा के केवल दावे ही कर रहे हैं।
दीपक, संचालक मोबाइल पैलेस नारायण सिंह पार्क
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मैं घर और फैक्टरी में खुद को सुरक्षित नहीं समझता। सुबह घर से निकलते ही रास्ते भर सुरक्षा की चिंता सताती है। पुलिसकर्मी चालान तो काटते नजर आएंगे, पर किसी आपराधिक वारदात से बेपरवाह नजर आएंगे। मैं ही नहीं जिले में पब्लिक और उद्यमी सुरक्षित नहीं हैं। अपराधिक मामले दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। यहीं हाल रहा तो व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। आज सरकार को भी अपना वायदा याद रखने ही जरूरत है।
रमेश वर्मा, प्रधान, हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन पानीपत
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मैं शहर की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हूं। मैं भी कई बार घर और फैक्टरी से निकलने पर सोचता हूं। जिले में आपराधिक वारदात लगातार बढ़ती जा रही हैं। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती है। चौक और चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी सतर्क नहीं हैं। लूट और हत्या की वारदात इसी तरह से बढ़ती रही तो वे व्यापार बंद करने को मजबूर होंगे।
रामनिवास गुप्ता, संरक्षक, पानीपत निर्यातक संघ
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मैं दुकान और घर पर सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता हूं। दुकान पर आने के बाद उसका ध्यान आपराधिक लोगों की तरफ रहता है। वे बीच-बीच में ऐसे लोगों को टोक भी देते हैं। पुलिस का अपराध को रोकने की तरफ ध्यान नहीं है। अपराधियों के हौसले इसी तरह से बढ़ती रही तो आपराधिक किस्म के लोग घरों और दुकानों तक पहुंच जाएंगे।
जोगेंद्र निरुला, व्यापारी
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मैं घर से निकलते ही रास्तेभर खुद की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता हूं। जिले में एक सप्ताह से हो रही सिलसिलेवार वारदातों ने सबको थर्रा दिया है। पब्लिक व व्यापारी घबराए हुए हैं। पुलिस का सुरक्षा व्यवस्था की तरफ कोई ध्यान है। पुलिस अधिकारियों को इसके लिए गंभीर होना चाहिए।
राजेश सूरी, प्रधान, सर्राफ एसोसिएशन पानीपत
रोहतक रेंज के आईजी आलोक मित्तल से सीधी बात
सवाल : जिले में लूट और हत्या की वारदात लगातार हो रही हैं। पुलिस क्या कर रही है।
जवाब : जिले में कुछ वारदात गत दिनों में हुई हैं। पुलिस इनको लेकर गंभीर है।
सवाल : पब्लिक व व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करता है। तो इसमें पुलिस क्या करेगी।
जवाब : पुलिस पब्लिक के लिए है और लोगों को पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
सवाल : पानीपत में लूट व हत्या की वारदातों के बाद आपने क्या कदम उठाए।
जवाब : मैंने शुक्रवार को पानीपत और समालखा में दोनों स्थलों का दौरा किया है।
सवाल : आपने यहां की सुरक्षा व्यवस्था जांचने के बाद क्या कदम उठाए।
जवाब : सभी डीएसपी व थाना प्रभारियों की मीटिंग लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।
सवाल : पुलिस के भविष्य में सुरक्षा प्रबंध कैसे होंगे।
जवाब : जिले में कई नाके लगाए जाएंगे और पीसीआर की गश्त बढ़ाई जाएगी।