पानीपत। गांव चमराड़ा में ट्रांसफार्मर बदलते समय करेंट लगने पर एक युवक की मौत हो गई। आरोप है कि किसान ने उनको बिजली काटने का परमिट लेने का भरोसा दिलाया था, जबकि बिजली निगम अधिकारी परमिट लेने को सिरे से खारिज कर रहे हैं। पुलिस ने शिकायत पर एक किसान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
नरेश (26) निवासी खोजकीपुर अपने भांजे नीनू निवासी सुताना और उसके साथी जसबीर के साथ बुधवार शाम को गांव चमराड़ा के खेतों में ट्रांसफार्मर बदल रहा था। रणबीर के खेत में रखे खराब ट्रांसफार्मर को नीचे तो उतार दिया, लेकिन दूसरा ट्रांसफार्मर ऊपर रखते समय बिजली की लाइन में करेंट आ गया। नरेश ट्रांसफार्मर पर चढ़ा हुआ था। उसकी करेंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
नरेश के परिजनों का आरोप है कि वे पूठर निवासी बलगार के खेत में खराब ट्रांसफार्मर बदलने गए थे। बलगार ने उनको बिजली काटने का निगम से परमिट होने का भरोसा दिलाया था। उन्होेंने बुधवार शाम को बलगार का ट्रांसफार्मर बदल दिया। जिसके बाद रणबीर निवासी चमराड़ा भी ट्रांसफार्मर बदलने की मांग करने लगा। बलगार ने इसको लेकर भी परमिट का भरोसा दिलाया। उनकी बातों पर भरोसा कर ट्रांसफार्मर बदलने लगे और शाम के समय नरेश ट्रांसफार्मर पर चढ़ गया। नया ट्रांसफार्मर रखते समय बिजली आ गई और करेंट लगने से नरेश की मौत हो गई।
पूठर व चमराड़ा के किसानों ने बुधवार शाम को लाइन बंद करने का कोई परमिट नहीं ले रखा था। उन्होंने करेंट लगने से मौत होने का मामला संज्ञान में आते ही पूरी जांच की है। कर्मचारियों से बारीकी से पूछताछ की है, लेकिन उन्होंने इस तरह की कोई सूचना न आने की बात की कही है।
देवेश दहिया, एसडीओ, सब डिविजन इसराना