मतलौडा। कान्फेड के समालखा सेवानिवृत्त मैनेजर समेत दो को सरकारी गेहूं बेचते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। उसको सेवानिवृत्ति के बाद स्टोर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वह सरकार के 160 कट्टे गेहूं को कैंटर में मतलौडा के छिछड़ाना गांव में बेचने आया हुआ था। पुलिस ने कैंटर और गेहूं दोनों को कब्जे में कर लिया है। विभागीय अधिकारियों ने उसको स्टोर कीपर बताया है और सेवानिवृत्ति के बाद नई नियुक्ति न होने पर लगाया गया था।
मतलौडा थाने के अंतर्गत उरलाना चौकी पुलिस ने वीरवार को छिछड़ाना गांव में सरकारी गेहूं किसी प्राइवेट व्यक्ति के घर पर बेचे जाने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची। जहां पर कैंटर से गेहूं उतारे जा रहे थे। गेहूं के कट्टों पर कान्फेड लिखा हुआ था। पुलिस ने समालखा के कान्फेड गोदाम में तैनात पूर्व मैनेजर धर्मपाल व छिछड़ाना निवासी रोहताश को गिरफ्तार कर लिया। कैंटर में 160 सरकारी कट्टे थे, जिनमें 43 कट्टे प्लास्टिक और 117 कट्टे जूट के थे। बताया गया है कि धर्मपाल कान्फेड समालखा में स्टोर की देखरेख करता है और तीन माह पहले ही यहां से मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुआ है। किसी नई नियुक्ति न होने पर स्टोर की जिम्मेदारी उसी को सौंपी गई थी। कई दिन पहले धर्मपाल ने 160 कट्टे पुराने गेहूं के बेचने का सौदा 46 हजार रुपये में छिछड़ाना निवासी रोहताश से किया था। पैसों का लेनदेन पहले ही हो चुका था। पूर्व मैनेजर ने गेहूं छिछड़ाना गांव में रोहताश के घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी। इसको लेकर धर्मपाल खुद ही कैंटर के साथ आया था। पुलिस ने गांव में कैंटर आते ही पकड़ लिया। कैंटर चालक चुनीलाल निवासी नीमवाला, कैथल को छोड़ दिया है। पुलिस दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश करेगी।
सरकारी गेहूं बेचते हुए समालखा कान्फेड में मैनेजर के पद तैनात धर्मपाल व खरीदार रोहताश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गेहूूं के 160 सरकारी कट्टे बरामद कर लिए हैं। वह समालखा से छिछड़ाना गांव में गेहूं बेचने आया हुआ था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सत्यवान, प्रभारी, थाना मतलौडा, पानीपत
कान्फेड का चार्ज डीएफएसओ के पास है। उनके पास कान्फेड का गेहूं बेचने की सूचना आई थी। धर्मपाल सेवानिवृत्त मैनेजर है। फिलहाल कांट्रेक्ट पर समालखा स्टोर कीपर था।
दलबीर सिंह दूहन, कंट्रोलर, डीएफएससी पानीपत