पानीपत। जिला पुलिस श्री देवी मंदिर में लूट की योजना का खुलासा होने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था के कदम नहीं उठा सकी और मंदिर के दानपात्र रामभरोसे रहे। अष्टमी के दिन मां के भक्त ऐसे ही आते-जाते रहे और पुलिस ही नहीं बल्कि मंदिर कमेटी भी बेपरवाह रही।
सोमवार को चैत्र नवरात्र के तहत अष्टमी रही और मंदिर में भक्तों की अन्य नवरात्र से अधिक भीड़ रही। भक्तों का सुबह ही मंदिर में पहुंचना शुरू हो गया, लेकिन पुलिस के कोई खास इंतजाम नहीं दिखे।
जबकि रविवार को इनामी बदमाश ने मंदिर में लूट की योजना का खुलासा किया था, बावजूद इसके पुलिस व मंदिर कमेटी के प्रबंध नहीं दिखे। सुरक्षा व्यवस्था में अनदेखी दोपहर व फिर देर रात तक ऐसे चलती रही। पुलिस अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं रहा।
गौरतलब है कि सीआईए-टू पानीपत ने बीती शाम को अमनदीप उर्फ नंगा निवासी देसराज कालोनी को मुठभेड़ के बाद काबू किया था। उसने पुलिस को श्री देवी मंदिर में लूट की साजिश को अंजाम देने की बात कबूली थी। पुलिस ने नवरात्र के दिनों में देवी मंदिर में लूट की साजिश को मंदिर संपत्ति और मां के भक्तों को लेकर गंभीर माना था।
श्री देवी मंदिर में मां के भक्तों की आस्था है और नवरात्र के दिनों में दूर के गांवों से भी भक्त मां के दर्शन करने आते हैं। ऐसे में हर रोज हजारों भक्त पहुंचते हैं। सोमवार को अष्टमी के चलते भीड़ कई गुना होती है। बताया जा रहा है कि मंदिर में एक दिन में लाखों रुपये का दान आता है। इसी दान पर बदमाश अमनदीप उर्फ नंगा की नजर थी।
मंदिर कमेटी ने अपने स्तर पर सुरक्षा के प्रबंध किए हैं। मां के भक्तों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जा रही। मंदिर में भक्त साफ नीयत से आते हैं। उनको सोमवार को सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध करने या मांगने की जरूरत भी नहीं रही। मां के भक्त खुद व्यवस्था बनाने के प्रयास में रहते हैं।
काकू बंसल, उपाध्यक्ष अग्रवाल वैश्य समाज
पुलिस ने बदमाश अमनदीप उर्फ नंगा को काबू कर लिया था। वह देवी मंदिर में लूट योजना को अंजाम देने के लिए आया था। शहर में पहले ही पुलिस बल तैनात है। मंदिर में विशेष सुरक्षा नहीं लगाई गई।
जितेंद्र गहलावत, डीएसपी शहर पानीपत