वन सलाहकार समिति की ओर से अरावली क्षेत्र में प्रस्तावित एम्स निर्माण पर अड़चन लगने के बाद अब प्रशासन ने वैकल्पिक जमीन तलाशने का काम तेज कर दिया है। शुक्रवार को डीसी यशेंद्र सिंह ने मनेठी गांव की खाली पड़ी माइनिंग की जमीन व इससे लगते गांव माजरा, पाड़ला, बासदूदा व नांगल जमालपुर में जमीन का निरीक्षण किया।
डीसी ने मौके पर ही अधिकारियों को फाइल तैयार करने के निर्देश दिए। डीसी के अलावा प्रशासनिक अमले में अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदार मनेठी, कानूनगो व पटवारी आदि मौजूद रहे। ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि अरावली की अड़चन मनेठी एम्स के निर्माण में बाधा नहीं बनेगी।
मनेठी में एम्स निर्माण जल्द शुरू करने संभव प्रयास जारी : डीसी
डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि मनेठी में एम्स निर्माण जल्द शुरू हो सके, इसके लिए हर संभाव प्रयास किए जा रहे हैं। मनेठी में भी ग्राम पंचायत के पास कुछ माइनिंग की जमीन है। इसके अलावा आसपास के गांवों में भी जमीन का निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर एम्स संघर्ष समिति के अध्यक्ष सरपंच श्योताज सिंह ने कहा कि मनेठी एम्स पर अरावली नाम का जो ग्रहण लग रहा था, वह बिल्कुल टल चुका है। एम्स बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, यह क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है।
इस दौरान कर्नल राजेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश सैन, जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा, मास्टर लक्ष्मण सिंह, देशराज, विनोद सितारा पंच, मास्टर लक्ष्मण सिंह, दलबीर सिंह, ओमप्रकाश बासदूदा, सुरेश कुमार, कृष्ण कुमार व अशोक कुमार सहित अनेक लोग मौजूद रहे।