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चिंता से मुक्ति का एकमात्र मूल मंत्र है सत्संग : शिवानंद

Rohtak Updated Sat, 27 Oct 2012 12:00 PM IST
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महेंद्रगढ़। साध्वी शिवानंद ने कहा कि सत्संग सांसारिक चिंताओं से मुक्ति का एकमात्र मूल मंत्र है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में कुुछ समय निकाल कर सत्संग आदि में भाग लेकर ईश्वर में ध्यान लगाना चाहिए। साध्वी शुक्रवार को मोहल्लाजवाहर नगर में पंजाबी धर्मशाला में चल रही संगीतमय साप्ताहिकभागवत कथामें प्रवचन कर रही थीं।
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उन्होंने कहा किआजकल लोग सत्संग आदि में भाग तो ले रहे हैं, लेकिन इनसे प्राप्त गुणों को जीवन में ढालने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। गीता, रामायण, महाभारत जैसे ग्रंथ आज लोगों के घरों में शोपीस बन गए हैं। उनको पढ़ने के लिए लोगों के पास समय ही नहीं है। आज घर-घर में कलह का वातावरण बना हुआ है। इसके मुख्य कारण संस्कारों में आई कमी, सहन शक्ति की कमी और आपसी विचारों का न मिलना मुख्य हैं। कथा में पंजाबी कल्याण सभा के प्रधान सुभाष गांधी, पवन रहेजा, रवि अरोड़ा, आशी सोनी, सुभाष रहेजा, मोहन गांधी, शीला देवी, शशी, धर्म देवी, सरला, अनिता बोहरा, राधेश्याम सैनी आदि भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे थे।
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