रोहतक। गांव करौंथा में रामपाल के अनुयायी दस परिवारों का ग्रामीणों द्वारा बहिष्कार किए जाने के कारण उत्पन्न हालात को देखते हुए मंगलवार को पुलिस ने गांव में दोनों पक्षों पर पाबंदी लागू कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों में झगड़े की आशंका बताते हुए धारा-7, 50 के तहत कार्रवाई के बारे में एसडीएम कोर्ट में जानकारी दे दी है। उल्लेखनीय है कि इस धारा के तहत पुलिस किसी भी समय जरुरत पड़ने पर दोनों पक्षों या किसी एक पक्ष के लोगों को तुरंत थाने बुला सकती है और उन्हें हिरासत में ले सकती है। पुलिस ने नरमी बरतते हुए इस धारा में कार्रवाई की है क्योंकि पुलिस के पास धारा-7, 51 का विकल्प भी है, जिसके तहत दोनों पक्षों या किसी भी पक्ष के व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है और उसकी जमानत की पूरी अदालती प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही रिहाई संभव हो सकती है।
रविवार को करौंथा गांव में पंचायत द्वारा दस परिवारों के बहिष्कार का फरमान जारी किए जाने के बाद से पुलिस हालात पर नजर रख रही है। गांव में मंगलवार को दूसरे दिन भी अनुयायी परिवारों का बहिष्कार जारी रहा। दो दिन पहले करौंथा के ग्रामीणों ने सदर थाना पहुंचकर गांव में बसे रामपाल के अनुयायियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी कि वे उन पर छींटाकशी करते हैं। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। इसके विपरीत रामपाल के अनुयायियों ने ग्रामीणों पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। दोनों पक्षों में बढ़ रही खींचतान को देखते हुए मंगलवार को सदर थाना प्रभारी आरएस मीणा ने धारा 7, 50 के तहत दोनों पक्षों पर पाबंदी जारी दी।
उधर, मंगलवार को भी गांव में रामपाल के अनुयायी परिवारों का बहिष्कार जारी रहा। हालांकि पुलिस अब भी यह मान रही है कि गांव में अनुयायियों का बहिष्कार नहीं बल्कि दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति है। रामपाल के एक अनुयायी ने बताया कि ग्रामीण उन्हें बेवजह परेशान कर रहे हैं। अब गांव में कोई उनसे बात करने को भी तैयार नहीं है। इस बीच पुलिस ने हालात को देखते हुए इलाके में गश्त बढ़ा दी है।