रोहतक। पीजीआई में लगातार तीसरे दिन भी साथी से मारपीट के विरोध में पीजी और रेजीडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल रखी। पीजीआई प्रबंधन हड़तालियों को मनाने में पूरी तरह विफल रहा। प्रबंधन का कहना है कि हड़ताली डॉक्टरों ने उनके सामने अपनी मांगें नहीं रखी हैं, केवल मीडिया में ही बयानबाजी हो रही है। वहीं, प्रदर्शनकारी सुरक्षा बढ़ाने और मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं। पीजीआई और रेजीडेंट डॉक्टरों की इस लड़ाई में हजारों मरीज पिस रहे हैं। उन्हें मजबूरी में निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। वहीं, पुलिस ने दो अज्ञात हमलावरों पर केस दर्ज कर लिया है और उनकी पहचान में जुट गई है। पीजीआई में पीसीआर भी तैनात कर दी गई है, लेकिन इस पर भी हड़ताली मान नहीं रहे हैं।
प्रबंधन ने प्रदर्शनकारियों को नोटिस भेजा
पीजीआई प्रबंधन ने स्थिति से निपटने के लिए आपात बैठक बुलाई और डॉक्टरों को बुलाने के लिए चेतावनी पत्र जारी किया गया। यदि दो दिन में हड़ताल खत्म नहीं की गई तो प्रबंधन सख्त कदम उठा सकता है। पीजीआई प्रबंधन का दावा है कि पचास फीसदी पीजी और रेजीडेंट डाक्टर काम कर रहे हैं और हड़ताली डॉक्टरों को मरीजों के हितों को देखते हुए हड़ताल वापिस ले लेनी चाहिए।
पीजीआई में चलाया हस्ताक्षर अभियान
हड़ताली डॉक्टरों ने बैठक कर सोमवार शाम को कैंडल मार्च निकाला और पीजीआई परिसर में अपने समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया।
डॉक्टरों की मांगें पर किया काम : पीजीआई
पीजीआई प्रवक्ता सीमा दहिया का कहना है कि हड़ताली डॉक्टरों ने अभी तक अपना पक्ष प्रबंधन के सामने नहीं रखा है। इसके बावजूद पीजीआई में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही डॉक्टर के साथ मारपीट करने वाले तीमारदारों के खिलाफ मामला भी दर्ज करा दिया गया है, आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।
हड़ताल के कारण मरीजों का हुआ बुरा हाल
पीजी और रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के कारण दिन-प्रतिदिन स्थिति बदत्तर होती जा रही है। सोमवार को ओपीडी में भी मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं, जिसके कारण ओपीडी का समय समाप्त होने के बाद भी मरीज कमरों के बाहर लेटे रहे। बाद में परिजनों ने उन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती कराया।
कोट
मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए पीजीआई प्रबंधन ने पुख्ता प्रबंध कर रखे हैं। सीनियर डॉक्टरों की टीम आपातकालीन विभाग से लेकर वार्डों तक में काम कर रही है।
- डा. एसएस सांगवान, कुलपति, पीजीआई
कोट
डॉक्टर के साथ मारपीट के आरोपियों की शिनाख्त की जा रही है। इसके बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
- जोगिंदर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक, रोहतक पुलिस