गांव खरकड़ा में अपहरण मामले में थाना प्रभारी के नेतृत्व में जांच के लिए गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। इस दौरान आरोपियों ने थाना प्रभारी के साथ धक्का-मुक्की की।
अन्य ग्रामीणों ने जैसे-तैसे मामले को शांत करवाया। इस संबंध में पुलिस ने एक नामजद समेत दस के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अभी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शनिवार शाम को महम थाना प्रभारी वीरेंद्र पाल के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम अपहरण के मामले की जांच के लिए गांव खरकड़ा पहुंची। पुलिस ने जब इस बारे में सुरेश से बातचीत करने का प्रयास किया तो उसके परिजन एकत्रित हो गए और पुलिस टीम को घेर लिया।
राजकुमार और अन्य लोगों ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। जब पुलिसकर्मियों ने इसका विरोध जताया तो उन्होंने महिलाओं को आगे कर दिया। इस दौरान थाना प्रभारी के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। यह देख अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बीच बचाव कराया। इसके बाद थाना प्रभारी ने अन्य पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाया, इससे पहले सभी आरोपी वहां से फरार हो गए।
महम पुलिस ने थाना प्रभारी के बयान पर राजकुमार समेत दस अन्य महिलाओं-युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि राजकुमार ने अपने भाई सुरेश के साथ मिलकर अपहरण का झूठा मामला दर्ज कराया था। जबकि सुरेश प्लाट के रुपये हड़पना चाहता था। इसी मामले की जांच के लिए पुलिस टीम गांव गई थी। मामले की जांच कर रहे सहायक उपनिरीक्षक धर्मबीर ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।